फोड़े-फुंसी से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान घरेलू उपाय !

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फोड़ा-फुंसी की समस्या –

फोड़े फुंसी संक्रमण से होने वाली एक बीमारी है। बारिश के मौसम में यह अधिक होती है। बारिश में नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है जिससे शरीर के कई हिस्सों में फोड़े फुंसी हो जाते है। फोड़ा या फुंसी शरीर में गंदगी या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होने वाली एक गांठ होती है।फोड़े का आकार बड़ा होता है जबकि फुंसी आकार में छोटी होती है। फोड़े-फुंसी के आसपास सफेद होने से उसमे मवाद पड़ जाती है और लाल रंग की होने पर उसको पकना कहते है दोनों ही स्थिति में व्यक्ति को भयंकर दर्द से गुजरना पड़ता है। फोड़ा फुंसी दर्द व मवाद से भरा बंद घाव होता है, जो सामान्य तौर पर बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है। फोड़े फुन्सी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। अनेक प्रकार के बैक्टीरिया हैं, जो फोड़े फुन्सी होने का कारण बनते हैं। एक ही संक्रमण में अनेक प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं।
फोड़े फुंसी होने पर त्वचा का लाल हो जाती है और त्वचा पर खुजली होना, सूजन आना और दर्द होना जैसे लक्षण होने लग जाते हैं। यदि फुंसी या फोड़े का मुंह खुल जाए तो इससे द्रव भी बह सकता है। यदि आपको फोड़े फुंसी हो गए हैं, तो उनको बार-बार नहीं छूना है, और न ही उनको दबाना या नोचना है नही तो फिर यह और भी ज्यादा दर्दनाक हो सकते है यदि फुंसी अपने आप फुट जाती है और पस बाहर निकलने लगती है तो यह संक्रमण साफ होने की प्रक्रिया हो सकती है। ऐसे में फोड़ा कुछ दिनों में बिलकुल ठीक हो सकता है। यदि यह फूटने के बाद भी ठीक न हो, तो फिर इसे डॉक्टर को दिखाकर आवश्यक इलाज करा सकते है। फोड़े फुंसी से बचने के लिए अगर त्वचा पर कही भी चोट लगी हो या कट लगा हुआ हो तो उस जगह को साफ रखे नही तो संक्रमण हो सकता है। सिर्फ दवाओं की सहायता से ही फोड़े फुंसी को ठीक नहीं किया जा सकता है। फोड़े के अंदर से पस को बाहर निकालने के लिए डॉक्टर उसमें छोटा सा चीरा लगा सकते हैं। यदि इनका समय इलाज ना किया जाए तो कुछ मामलों में फोड़े फुंसी गंभीर और घातक हो सकते है।

बचाव के उपाय –

अपने शरीर और त्वचा की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद नियमित रूप से अपने हाथ जरुर धोएं। त्वचा पर अगर कही चोट लग जाये या कही खरोंच आ जाये तो उसे साफ पानी से धोकर उस पर एंटीबैक्टीरियल मलहम लगा लें। यदि आपके कोई फोड़ा या घाव है तो रोजाना अपने बिस्तर की चादर को डिटर्जेंट या ब्लीच में धोते रहें और धुप में सुखाएं। फोड़े के घाव को पट्टी से ढककर रखें। अपनी इम्युनिटी को मजबूत रखने के लिए स्वस्थ भोजन खाएं और शरीर का वजन नियंत्रित रखें। बीडी सिगरेट शराब आदि का सेवन नहीं करें।

फोड़ा फुंसी का घरेलू उपचार –

हल्दी- हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। जो फोड़े फुंसी में लाभदायक है। डेढ़ चम्मच हल्दी का पाउडर लेकर उसमे पानी या दूध में मिलाकर उसका पेस्ट बना लें। इसको आधे घंटे तक लगा रहने दे फिर इसे धो लें। फायदा होगा।
नारियल का तेल- नारियल तेल और टी ट्री आयल को मिला कर उसका मिश्रण बना लें और दिन में तीन से चार बार उस जगह पर लगाये। और कुछ ही दिनों में यह ठीक हो जायेंगे।
एलोवेरा – एलोवेरा(ग्वारपाठा)त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है एलोवेरा को काटकर उसके अंदर की गिरी निकाल कर उसमें हल्दी मिलाकर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगायें। तुलसी- तुलसी की पत्तियों को पीसकर इसका लेप बना लें और इसे फोड़े-फुंसी पर लगाये। फोड़े-फुंसी से छुटकारा मिलेगा।
नीम – नीम की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट बनाकर इसको फोड़े पर लगाकर आधे घंटे बाद इसे धो लें यह उपाय दिन में तीन से चार बार करें।