बुखार को ठीक करने के बेहतरीन घरेलू उपचार!

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बुखार क्यों आता है

बुखार आने पर हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है बुखार आने का कारण यह है कि हमारे शरीर मे कोई भी बिमारी के बैक्टीरिया व वायरस चला जाता है। तो हमारा शरीर उसका विरोध करता है या उस वायरस व बैक्टीरिया को आने से रोकता है। हमारे शरीर में बैक्टीरिया और वायरस को रोकने का कार्य हमारा इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) करता है और बाहर से आने वाले वायरसों से रक्षा करता है। इसके लिये वह एन्टीजन नामक पदार्थ उत्पन्न करता है। जो वायरस से लड़ाई के लिए एंटी बॉडी तैयार करता है और कीटाणुओं से पूरी शक्ति से लड़ता है। इस लडाई मे जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उससे शरीर गर्म हो जाता है इसी को बुखार कहते है
हमारे शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री F (37 डिग्री C) होता है। जब शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ना शुरू हो जाता है तो उस स्थिति को बुखार कहते हैं। बुखार हमारे शरीर में रोगों से लड़ने का एक तरीका है इसीलिए बुखार हमारे शरीर में संक्रमण का एक लक्षण है संक्रमण के दौरान हमारा शरीर सफेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। जो रोगाणुओं से लडती है और ऐसी स्थिति में हमारे शरीर का तापमान बढ़ता है, जिसके कारण हमारी मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और कंपकपी होने लगती है।सामान्यत: हमारे शरीर का तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस (105.8 से 107.6 डिग्री फारेनहाइट) से ऊपर नहीं जाता है। बुखार कई अन्य परिस्थितियों के कारण भी हो सकता है, जो कभी सामान्य रहता है तो कभी गंभीर स्थिति तक भी पहुँच सकता है।

बुखार के लक्षण –

वयस्कों और बच्चों में 100.4 f (38 c) से अधिक तापमान होना ,कंपकंपी होना, थरथराना, और ठंड लगना, शरीर के सभी अंगो में दर्द,जोड़ो में दर्द होना,अत्यधिक पसीना आना,हृदय गति (हार्ट रेट) का तेज़ होना या घबराहट महसूस होना ,त्वचा का फड़कना या गर्म होना चक्कर आना या हल्का सिरदर्द होना, आंखों में दर्द रहना, कमजोरी लगना, भूख न लगना,उल्टी,दस्त,सुस्त रहना,नाक बहना, गले में खराश, खाँसी, नींद नहीं आना आदि लक्षण होते है।

बुखार को ठीक करने के घरेलू उपचार –

ठंडे पानी की पट्टियाँ- एक बर्तन में ठंडा पानी डालकर एक तौलिया लेकर उसे अच्छी तरह से भिगो लें फिर तौलिये को निचोड़कर पीड़ित व्यक्ति के सिर पर एक मिनट तक रखे ऐसा आपको लगभग 10 मिनट तक करना है। आराम मिलेगा।
तुलसी- 10 पत्ते तुलसी के लेकर उसमे आधा चम्मच अदरक डालकर एक कप पानी में इसे 8 मिनट तक उबालकर ईस पानी को एक कप में डाल लें और फिर इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर इसका दिन में दो बार सेवन करें।
अदरक –सबसे पहले एक बर्तन में एक कप पानी में अदरक को उबाल लें और इस पानी का एक गिलास में डालकर आधा चम्मच शहद मिलाकर पियें
तिल का तेल- 4-5 लहसुन की कलियों को तिल के तेल में तलकर इसमें स्वादनुसार सेंधा नमक मिलाकर बुखार के समय रोजाना खाएं।
लहसुन – लहसुन की एक कली लेकर एक कप गर्म पानी में 10 मिनट तक छोड़ दें और 10 मिनट बाद में पानी को छान कर दिन बार पीने से बुखार में आराम मिलेगा।
पुदीने के पत्ते- एक कप पानी लेकर उसमें 3-4 पुदीने के पत्ते और खांड डालकर पानी को गर्म करें और बुखार होने पर दिन में दो बार पियें।
हल्दी – एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर रात को सोने से पहले पी लें। बुखार का इलाज करने का यह एक कारगर उपाय है।