व्यक्ति को सदमे से निकालने रामबाण उपाय

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सदमा लगना
सदमा(शॉक लगना) एक मानसिक समस्या है, जिसके पीछे का मुख्य कारण तनाव तो है ही, साथ ही कोई गंभीर सदमा लगना, अपनी फीलिंग को दबाना, हादसा, दांपत्य जीवन में परेशानी व आर्थिक कारण भी इस बीमारी की वजह बनती है। यूं तो हर व्यक्ति किसी न किसी तनाव का सामना हर दिन करता है, लेकिन कुछ लोगों में तनाव हद से ज्यादा बढ़ जाता है कि जिसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। सदमा भी इन्हीं में से एक है। यह समस्या होने पर व्यक्ति अचानक रोना या हंसना, बेहोशी, उल्टी, दम घुटना, बोलने में परेशानी, जोर−जोर से चिल्लाना भी सदमा के ही के लक्षण हैं। जीवन में उतार-चढ़ाव सभी लोगों के आते है, जीवन किसी मोड़ पर हमें बहुत अच्छे पल बिताने का मौका मिलता है तो कभी-कभी जीवन हमें निराशा हाथ लगती है लेकिन फिर भी जीवन निरंतर चलता रहता है। सुख-दुख जिंदगी का हिस्सा हैं लेकिन कभी-कभी जीवन कुछ ऐसा हो जाता है जिसका दुख सदमे की तरह होता है जिसे भुला पाना मुमकिन नहीं होता है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में दुख अलग-अलग होते हैं। किसी की भी परेशानियों से तुलना नहीं की जा सकती। हर व्यक्ति सदमे में पूरी तरह से निराश नहीं होता है। बल्कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जीवन में आगे बढ़ने का फैसला करते है तो कुछ लोग उसी पल में रूककर अपने आप को चोट पहुंचाते रहते है। किसी दुखद घटना के बाद अधिक दिनों तक दुखी या परेशान रहने को सदमा या सदमा लगना कहते हैं। वैसे तो सदमा लगने के मामले कम ही देखने को मिलते है। लेकिन ये उस व्यक्ति के साथ हुई दुर्घटना पर निर्भर करता है। सदमा लगने बाद व्यक्ति अपने दुखों में इतना डूब जाता है कि उसे यह पता ही नहीं होता है कि उसके आस-पास हो क्या रहा है सदमे में डूबे व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे अब उसके जीवन में कुछ नहीं बचा है और उसकी जीवन अब बेकार है।
सदमा क्यों लगता है-

अपने किसी प्रियजन की मृत्यु होने पर,बिजनेस में घाटा लगने पर,भारी आर्थिक नुकसान होने पर,जॉब से निकाल देने पर,अपने प्यार को खो देने पर,अपनी जिन्दगी का कोई सपना टूट जाना,पालतू जानवर को खो देना, दुर्घटना का शिकार हो जाना,बहुत अच्छी दोस्ती खत्म हो जाना इत्यादि कारणों के अलावा और भी कारण हो सकते है।
सदमा लगने के लक्षण-

परिवार और दोस्तों से अलग अकेले रहना,किसी कमरे में घंटो तक अकेले ही बैठे रहना,बार-बार उसी दुर्घटना के बारे में सोचना,जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं लगना,किसी भी काम में मन नहीं लगना,किसी पर भी भरोसा नहीं रहना आदि लक्षण हो सकते है।
सदमे का उपचार –

सदमे को तुरंत ठीक करने का कोई तरीका नहीं होता है। कोई बड़ी दुर्घटना होने पर कुछ महीनों तक आप रोज उस दुःख को महसूस करोगे। परन्तु आप सदमे से निकलने के लिए उपाय अपना सकते है ताकि दुःख थोडा कम हो जाये और अपने आप को ठीक महसूस कर सके।

सबसे पहले आप को इस बात का ध्यान रखना है कि आप अपने परिवार के किसी सदस्य से,एक अच्छे दोस्त से,या किसी डॉक्टर से अपने दिल की बात अवश्य करे। इससे आपका मन हल्का हो जाएगा और आप अच्छा महसूस करेंगे।

  • सदमे के कारण व्यक्ति अक्सर थकान महसूस करते है। इसलिए उनको आराम की बहुत जरूरत होती है। उनका पर्याप्त नींद लेना बहुत आवश्यक है ताकि वह सदमे से बहर आ सके।
  • सदमे से ग्रसित व्यक्ति को बीडी, सिगरेट आदि धूम्रपान से बचना चाहिए इससे तनाव और बढ़ जाता है। इसलिए इनका सेवन बिलकुल नहीं करना है।
  • सदमे के कारण लोग अपने खानपान पर ध्यान ही नहीं देते है जिसके कारण उनका वजन गिरने लगता है। अपने शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें।
  • अपने आहार में अधिक कोलेस्ट्रॉल और वसा वाली चीजों का सेवन नहीं करें।
  • सदमे से उबरने के लिए रोजाना मेडिटेशन जरुर करें क्योकि इससे आप जल्दी ही अपनी रिकवरी कर लेगें।
  • नियमित रूप से व्यायाम जरुर करे इससे भी आपको सदमे से निकलने में मदद मिलेगी।
  • संतुलित और पोषण से भरपूर आहार लेने से आपको सदमे से निकलने में काफी मदद मिल सकती है।
  • इतना सब करने के बाद भी आपको लगता है आप सदमे से नहीं निकल पा रहे है तो आपको किसी अच्छे मनोचिकित्सक या काउंसलर के पास जाकर अपनी समस्या के बारे में अच्छे से बताये है। और इसका इलाज कराएँ। धन्यवाद