आँख आने पर करे (conjunctivitis causes) ये आसान घरेलू उपचार

11
conjunctivitis causes

आँख आने पर (conjunctivitis causes) करे आसान घरेलू उपचार।

हमारी आँख के सफेद भाग के उपर एक पारदर्शी झिल्ली होती है उस झिल्ली में संक्रमण या सुजन आ जाती है और आँख से पानी निकलने लगता है तो उसे आँख आना कहते है इसके कारण आँख में सुजन, हल्का दर्द, आँखें लाल हो जाती है असहजता महसूस होती है और आँखों से रिसाव होने लगता है। यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन, वायरल इन्फेक्शन, या एलर्जी की वजह से होता है। ये रोग बहुत अधिक संक्रामक होता है। इस रोग को कंजंक्टिवाइटिस भी कहते है
कंजंक्टिवाइटिस एक आम वायरल इन्फ़ेक्शन है जो कभी-कभी बैक्टीरिया से भी होता है। आँख आने पर आँखों में कुछ अटका हुआ सा प्रतीत होता है। इस रोग में आँख खोलने से भी दर्द होता है और रोग के बढ़ने पर गाढ़ा -गाढ़ा पदार्थ भी निकलता है इसलिए रात में पलकें चिपक जाती हैं, जो बहुत पीड़ादायक होती है।
कंजक्ट‍िवा के कारण ऐसा होता है। जब गंदगी, जीवाणु या धूल कण कंजक्ट‍िवा को प्रभावित करते हैं, तो कंजक्ट‍िवाइटिस की संभावना बढ़ जाती है, जिसमें आंखों से पानी आना, सफेद डिस्चार्ज होना व लाल आंखें होना आम बात है। कुछ परिस्थितियों में आंखों से सफेद गंदा सा पदार्थ निकलता है। आंखों से इस सफेद पदार्थ के निकलने का कारण सिबेशस ग्रंथिकाएं होती हैं। इन ग्रंथिकाओं के अत्यधिक स्त्राव से ऐसा होता है, लेकिन यह किसी प्रकार से भी नुकसानदायक नहीं होता है यदि यह सीमित मात्रा में हो तो। परन्तु अगर लम्बे समय तक आँखों से ऐसे स्त्राव ऐसा होता रहे तो आँखों के अंदर ज्यादा संक्रमण हो सकता है। ऐसी स्थिति में समस्या का पता लगाकर जल्द से जल्द इसका इलाज करा लेना चाहिए।
कंजक्टिवाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। ऐसे में कमजोर इम्युनिटी के लोगों में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है तथा अनुचित आहार लेना भी कमजोर इम्युनिटी होने का कारण है। इसके अतिरिक्त खराब जीवनशैली के कारण भी यह हो सकता है जैसे साफ-सफाई का ध्यान न रखना, गंदे हाथों से आँखों को रगड़ना, अन्य व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या अन्य चीजों को उपयोग करना आदि। अत: गलत खानपान एवं जीवनशैली के कारण भी कंजक्टिवाइटिस हो सकता है।

⇒ हर घर में होती है ये आम गलती जिससे 50 की उम्र में बूढ़े,और बिमारियों से गिर जाता है शरीर ⇐ click करें 

लक्षण-

आखें लाल होना,आँखों में दर्द होना,आखों से गाढ़ा द्रव्य निकलना, आखों में सुजन आना आदि लक्षण होते है

बचाव के उपाय-

हमेशा अपना तोलिया ही इस्तेमाल करें किसी और का नहीं इससे संक्रमण हो सकता है।
आँखों को हमेशा साफ पानी से धोये।
आँखे हमेशा साफ रुमाल से ही साफ करें। आँख में कुछ गिरने पर उसे अधिक मसले नहीं मसलने से आँख लाल हो जाती है। हाथों को बिना धोये अपनी आँखों से न छुए।
अगर आपको बदलते मौसम में एलर्जी की शिकायत है तो अपना विशेष ख्याल रखे।
तैरते समय आखों पर तैराकी चश्मा लगायें। जिससे बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीवो से आँखों को बचाया जाएँ।

घरेलू उपचार-

  1. आधा चम्मच नमक को एक कप पानी में डालकर उबालें। ठंडा होने के बाद इसे ड्रापर की मदद से आँखों में डालें। और आखों को इस पानी से धोने से आँखे ठीक हो जाती है।
  2. प्रतिदिन त्रिफला के पानी के साथ आँखों को धोने से आँखों की ज्योति बढ़ती है तथा आँखों के रोग नहीं होते। और अगर रोग है तो ठीक हो जाता है।
  3. ताजा धनिया लेकर उसे पानी में उबाल कर ठंडा होने के बाद आखों को धो लें। इससे आँखों की लालिमा, दर्द और सूजन ठीक होती है।
  4. फिटकरी की एक डली लेकर को पानी में डूबोकर डली पर लगे पानी को आँखों में बूंद-बूंद कर टपकाने से जल्दी ही आँख संबंधी रोगों ठीक हो जाते है।
  5. एक टी बैग ले और उसे कुछ देर गर्म पानी में रखे और जब यह गर्म हो जाए तो इसे अपनी आँखों में रखे और लगभग पांच मिनट तक ऐसा करके रखे जिससे आपके आँखों से पानी आना बंद हो जाएगा और आपको आराम मिलेगा।
  6. 2 चम्मच सेब के सिरके में एक कप पानी में मिलाकर रुई की सहायता से इस पानी से अपनी आँखों को साफ करें इससे आपकी आँखे ठीक हो जाएगी।
  7. 2 चम्मच सूखे गेंदे के फुल को एक कप गर्म पानी मिलाकर ठंडा होने के बाद इसे अच्छी तरह मिला लें। इस पानी से अपनी आँखों को धोएं या इसके गर्म होने पर ही साफ कपड़ा डूबाकर इसे गर्म सिंकाई की तरह प्रयोग करें

यह भी पढ़े ⇒ रतौंधी की समस्या (Night blindness Problem) के यह 12 घरेलू उपाय