जोड़ों के दर्द (joint pain)को करें जड़ से खत्म इन 7 उपायों से!

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जोड़ों में दर्द (joint pain)क्यों होता है

आजकल के मॉडर्न जमाने में लोग कम उम्र में ही कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं जैसे कि जोड़ों में दर्द(joint pain)। इसका प्रमुख कारण है गलत लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें। वहीं,आजकल के मॉडर्न के युवा अपनी तरह से जिंदगी जीना पसंद करते हैं। वे रोज कुछ न कुछ ऐसी गलतियाँ करते है जिसके  उन्हें कम उम्र ही जोड़ो के दर्द(joint pain) की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वह गलतियाँ जिसके वजह से कम उम्र में ही जोड़ों का दर्द होता है निम्न कारणों की वजह से होता है जोड़ों का दर्द।
आजकल के युवा फिट रहने के लिए यूट्यूब और ऑनलाइन वेबसाइटस पर जाकर अपने आप को फिट रखने के लिए और परफैक्ट बॉडी पाने के लिए जुंबा और एरोबिक्स जैसी एक्सरसाइज करते है लेकिन बिना ट्रेंनर के ये एक्सरसाइज करने से भी जोड़ों में दर्द हो सकता है। अगर आप भी यह एक्सरसाइज करना चाहते हैं किसी ट्रेनर की देखरेख या सलाह लेकर ही करे।
जिसकी अग्नि मंद है और नियमित व्यायाम नहीं करने वाला अगर विरुद्ध आहार करता है या अति स्निग्ध अन्न का सेवन कर तुरंत व्यायाम करता है उसे आम वात उत्पन्न होता है। अंग्रेजी में इसे रह्युमेटोईड अर्थराइटिस कहा जाता है।इसे साधारण बोलचाल की भाषा में गठिया भी कहते है।
भूख कम होने पर भी जीभ के वश हो कर खाया गया अन्न पचता नहीं और आँव स्वरूप हो जाता है जिसे आयुर्वेद में ‘आम’ कहा गया है।यह आम कुपित हुए वात दोष के द्वारा सम्पूर्ण शरीर में घुमने लगता है। यह जब जॉइंटो में पहुंचता है तो जकडन पैदा कर बिच्छु के काटे की तरह दर्द और सूजन पैदा करता है।ये एक जॉइंट से दुसरे जॉइंट में घूमता रहता है। इसलिए कुछ समय एक जॉइंट में फिर दुसरे में इस तरह दर्द घूमता रहता है।बारिश के मौसम में वैसे ही अग्नि मंद होती है इसलिए यह दोष और भी बढ़ जाता है और इसके रोगियों को बादल छा जाने पर ज्यादा दर्द होता है।
जोड़ों के दर्द का एक कारण भरपूर नींद न लेना भी है कुछ लोग देर रात तक काम करते है और कुछ लोग नाइट पार्टीज की वजह से रात को लेट सोते हैं। जिसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं होती। अपने मसल्स और जोड़ों को हैल्दी रखने के लिए 8 घंटे नींद जरूर लें। एक ही जगह पर घंटों तक बैठे रहने से शरीर को कई बीमारियां घेर लेती हैं। दरअसल, जब हम एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं तो हमारे शरीर में रक्त का संचरण ठीक तरह से नहीं हो पाता है।
जिसकी वजह से जोड़ों में दर्द होने लगता है। इसलिए काम करते वक्त बीच-बीच में थोड़ी देर के लिए बाहर जाकर घूमें इससे रक्त का संचरण ठीक से होगा और जोड़ों के दर्द की समस्या नही होगी। जंक फ़ूड खाने और मसालेदार और तैलीय भोजन खाने से हमारे जोड़ों पर बुरा असर पड़ता है इसलिए इनको खाने से परहेज करें। बीडी, सिगरेट आदि का सेवन नहीं करे इनसे भी जोड़ों पर बुरा असर पड़ता है इनका सेवन नहीं करें अपनी डाइट में विटामिन-डी और कैल्शियम युक्त आहार को शामिल करें।
जब जोड़ों मे तकलीफ या दर्द होता है, तो उससे जोड़ों का दर्द (जॉइंट पैन) कहा जाता है। जोड़ों में दर्द के बहुत से कारण हो सकते है. जैसे कि चोट लगने के कारण होने वाला दर्द, इन्फेक्शन के कारण होने वाला दर्द, हड्डीयों के कमजोर होने के कारण,या फिर जॉइंट कैंसर के कारण भी हो सकता है। अधिकतर घुटने, टखने, कोहनी और कंधों मे जोड़ो का दर्द होता है।

जोड़ो के दर्द के प्रकार-joint pain

वैसे तो जोड़ो के दर्द के बहुत प्रकार का होता है पर इसमें तीन प्रकार आम है जिनसे सबसे अधिक लोग जूझ रहे है।
1.ऑस्टियो आर्थराइटिस – सबसे ज्यादा लोग इसी जोड़ो के दर्द से पीड़ित है यह अधिकतर बढ़ती उम्र के लोगों को होता है। उंगलियां, कूल्हे और घुटने आदि को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। जोड़ों में चोट लगने पर भी ऑस्टियो आर्थराइटिस हो सकता है। जैसे खेलते समय घुटने में चोट आ जाना।
2. रुमेटाइड आर्थराइटिस – जब हमारे शरीर का बीमारियों से बचाने वाला रोग प्रतिरोधी तन्त्र ही ही हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाएं तो यह दर्द होता है यह एक तरह एंटी इम्यून डिसीज है। इसकी शुरुआत थकान, बुखार से हो सकती है। इस किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है।
3. गाउट -जोड़ों का यह दर्द आमतौर पर जोड़ों में चर्बी जमने के कारण होता है। यह खासतौर पर पैरों की उंगलियों को प्रभावित करता है।

जोड़ों के दर्द के लक्षण-

खड़े होने पर,चलने पर, हिलने-डुलने पर और आराम करते वक्त भी दर्द होना। सुजन आना, जोड़ों के अंदर से आवाज आना,चलते समय जोड़ों का लॉक हो जाना,शरीर में अकडन, घुटनों में दर्द होना
पैर चलाने, हाथों को हिलाने और ज्वाइंट्स हिलाने में काफी तकलीफ और दर्द का सामना करना होता है।,भारतीय शौचालय में बैठने में परेशानी।

जोड़ों के दर्द से बचने के उपाय-

रात के समय हल्का व सुपाच्य भोजन का सेवन करें।
ज्यादा प्रोटीन वाली चीजों का सेवन नहीं करें। जैसे पालक,दही, चावल,ड्राई फ्रूट्स,आदि का सेवन नहीं करें। शरीर में जिन चीजों से ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड बनता है उनका सेवन नहीं करें। नॉन वेज का सेवन बिलकुल नहीं करें क्योकि इससे तेजी से यूरिक एसिड बनता है।पेस्ट्री, केक, पैनकेक, क्रीम बिस्कुट आदि बेकरी फ़ूड का सेवन नहीं करें। ट्रांस फैट से भरपूर खाना यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ाता है। खाना खाते समय पानी न पीएं। पानी, खाने से डेढ़ घण्टे पहले या बाद में ही पीना चाहिए।

जोड़ों के दर्द का घरेलू इलाज –

1.हल्दी और चुना बराबर मात्रा में मिलाकर सरसों के तेल में थोड़ी देर तक गर्म करें। इस लेप को घुटनों पर लगाकर रखने से घुटनों का दर्द कम होता है।
2.एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी का पाउडर मिलाकर सुबह-शाम पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
3. विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत धुप है जो हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक होता है कम से कम 15 मिनट तक धुप में जरुर बैठे।
4. ताजा एलोवेरा की पत्ती लेकर उसका गुदा निकाल लें उसे हल्दी के साथ हल्का गर्म करके बांध लें। जोड़ों के दर्द आराम मिलता है
5. 30 की उम्र के बाद शरीर में केल्शियम ड्रेनआउट होने लगता है जिसके कारण हड्डिया कमजोर और पतली होने लगती है…अगर बढती उम्र के साथ आप अपनी हड्डियों को बचाना चाहते है तो रोज सवेरे संतरा या मौसमी का फल खाए, (जूस नही पिए) रोजाना 200ml जूस लेने से हड्डिया बुढ़ापे तक साथ देती है।
6. जोड़ में दर्द का कारण अगर केल्शियम की कमी है तो आप भोजन के बाद 1 चम्मच जीरा ओर 1 चम्मच तिल कच्चा चबा चबा कर खाए, इसमे रिच केल्शियम होता है ये जल्द ही इसकी कमी को पूरा कर देता है
7. हड्डियों को फ़ोलाद की तरह मजबूत बनाने के लिए 1 कटोरी दही में 1 चम्मच शहद डालकर रोज खाए 1 महीने में आपकी हड्डियां फोलाद बन जाएगी

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