जानिये क्या हैं धूम्रपान और तम्बाकू (harmful smoking ) से होने वाले नुकसान

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फेफडे हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इंसान को जिंदा रहने के लिए सांस लेने की जरुरत होती है और सांस लेने में फेफड़े सबसे ज्यादा हमारी मदद करते हैं।
स्मोकिंग यानि धूम्रपान(harmful smoking) ये एक ऐसी चीज है जिसके सेवन से Lungs यानि फेफड़ों और दिल को सबसे ज़यादा नुकसान पहुंचता है जिसके कारण हमे फेफड़ो से सम्बधित गम्भीर बिमारिया हो जाती है और इसी के चलते हमे अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पड़ता है।

तंबाकू एक ऐसा पदार्थ है जो तंबाकू के पौधे, निकोटियाना टोबेकम से निकाला जाता है। इस पौधे के पत्ते सुखाए जाते हैं और दूसरी चीज़ों के साथ मिलाकर बीड़ी, सिगरेट, नसवार, हुक्का, कडीपुडी, ज़र्दा और दूसरे रूप तैयार किये जाते हैं। निकोटीन उत्तेजना पैदा करने वाला एक केमिकल है जो तंबाकू की पत्तियों में पाया जाता है।

धूम्रपान ,तंबाकू के सेवन से दिमाग में डोपामीन नाम का केमिकल रिलीज़ होता है। ये एक न्यूरोट्रांसमीटर है जिसका संबंध आनंद की भावना से है। इससे दिमाग को इतना आनंद मिलता है कि व्यक्ति की तंबाकू धूम्रपान करने की इच्छा और बढ़ जाती है।

धीरे धीरे जब डोपामीन का असर कम होने लगता है तो दिमाग फिर उसी आनंद को पाने के लिए और नशे की माँग करता है। यानि शरीर में डोपामिन का स्तर थोडा भी कम होने लगता है तो हमे अपना दिमाग सिगरेट पिने के लिए सिगनल देने लगता है।

अक्सर धूम्रपान करने वाले लोग ये गलतफहमी लेकर जीते हैं कि सिगरेट के एक-दो कश लगाकर उनकी सारी परेशानियां फुर्र हो जाती हैं। लेकिन वे शायद ये नहीं जानते कि एक सिगरेट को जलाने में तकरीबन 4000 खतरनाक केमिकल निकलते है जिसमे लगभग 40 केमिकल कैंसर और ऐसी ही कई अन्य घातक बीमारियों का सबसे बड़ा कारण होते हैं।

एक रिसर्च के अनुसार धूम्रपान की वजह से हर साल लगभग 60 लाख लोग मारे जा रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वर्ष 2030 में प्रति वर्ष धूम्रपान तम्बाकू की वजह से मारे जाने लोगों की संख्या बढ़कर 80 लाख हो जाएगी।

दुनिया में हर साल 50 अरब रुपये धूम्रपान पर खर्च किए जाते हैं। धूम्रपान हर दृष्टि से हानिकारक है। उसका सबके लिए एक ही मेसेज है, और वह है मौत।

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तंबाकू और सिगरेट में निकोटिन पाया जाता है। जब कोई व्यक्ति धूम्रपान या तम्बाकू खाना शुरू करता है तो वह एक सिगरेट या दो सिगरेट से शुरुआत करता है। लेकिन धीरे-धीरे उनके धूम्रपान करने की क्षमता बढ़ती जाती है।

दिमाग और शरीर इसकी झेलने की क्षमता को दिन प्रतिदिन बढ़ाता जाता है। दिमाग इसके इतना आदि हो जाता है जहा हमे एक सिगरेट पीने से संतुष्टि मिल जाया करती थी वो धीरे धीरे एक से ज्यादा सिगरेट पीना शुरु कर देते हैं और धीरे-धीरे हमारे शरीर को अनुकूल बना देता है। कि जब तक हम सिगरेट ना पिए हमारी तलब नहीं मिट पाती है।

तो उसमे मोजूद निकोटीन त्वचा, मुँह, नाक और फेफड़ों से होते हुए ये केमिकल दिमाग तक पहुँचते हैं।  शरीर में निकोटिन का स्तर बढ़ा हुआ रहने से आप ख़ुद को जागृत महसूस करते हैं और आपमें नई ऊर्जा आ जाती है। कुछ ही मिनटों में जागृति का ये भाव बैठ जाता है और आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं।

ये प्रभाव जो कि धूम्रपान छोड़ने से जुड़ा एक लक्षण है और कुछ ही देर में आपमें फिर से तलब उठ जाती है और यह निकोटीन खासकर हमारे दिमाग और हमारे शरीर को धीरे धीरे नुक्सान पहुंचाना शुरू कर देता है।

निकोटीन एक शक्तिशाली शारीरिक रूप से नशे की लत है जिससे हमारा शरीर और दिमाग इसका आदी हो जाता है। यह आपको एक चेन-स्मोकर बनाता है। निकोटीन शरीर के हर अंग पर असर करता है। जब हम धूम्रपान करते है तो शरीर में एड्रीनेलीन नाम का हॉरमोन निकलता है जो शरीर के तापमान, धड़कन और रक्तचाप को बढ़ा देता है

लंबे समय तक धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने से त्वचा और दांत की समय से पहले गिरावट, मोतियाबिंद, उच्च या कम रक्तचाप, कोलेस्ट्रोल, सांस से जुड़ी समस्याएँ, हृदय रोग का ख़तरा, भ्रूण को नुकसान( अगर गर्भवती स्त्री धूम्रपान करती है),

नपुंसकता या प्रजनन क्षमता में कमी, डायबिटीज़, गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस यानि हड्डियों की कमज़ोरी जैसे रोगों की आशंका भी बढ़ जाती है।

धूम्रपान करने से हमारे शरीर के अंदर धीरे-धीरे निकोटीन जमा होने लगती है और हमारे लंग्स का रंग धीरे-धीरे काला पड़ने लगता है।

धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के फेफड़ों को साफ करने के लिए कई घरेलु नुस्खे है जो रामबाण की तरह काम करते जिनमे से कुछ नुस्खे आपको यहा बताये जा रहे हैं। जिनके सेवन से आप कुछ ही दिनों में अपने फेफडो के अंदर जमा हुए निकोटीन को पूरी तरह साफ कर सकेंगे और एक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे।

*धूम्रपान की वजह से ख़राब फेफड़ो को साफ़ करने के लिए पहेला नुस्खा*

1 लीटर पानी

2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर

अदरक की जड़ का 1 छोटा टुकड़ा

400 ग्राम लहसुन (छील कर टुकड़े किया हुआ)

400 ग्राम ब्राउन शुगर

चीनी में आपको ब्राउन शुगर का ही उपयोग करना है सफेद शक्कर का इस्तेमाल नही करना। सफेद शक्कर का इस्तेमाल क्यों नही करना है इसके बारे में हमने हमारे एक अन्य लेख में बताया है जिसका लिंक हमने इस लेख के अंत में दिया है।

दोस्तों आपको एक ऐसा बर्तन लेना है जिसमें 3 – 4 किलो सामग्री आ जाये।

इस बर्तन में 1 लीटर पानी डालकर – चूल्हे पर गर्म होने को रख दे और उसमें ब्राउन शुगर डाल दें। जब यह उबलना शुरू हो जाये तो इसमें पहले से तैयार की गयी सामग्री कसा हुआ अदरक, लहसुन के टूकडे और हल्दी भी डाल दें और इसके उबलने का इंतजार करें। जब यह मिश्रण उबल जाये तो इसे चूल्हे से उतारकर ठंडा होने के लिये रख दें। कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें।

ठंडा होने के बाद इसे किसी एयर टाइट कांच या चीनी मिटटी के जार में डालकर फ्रिज में रख लें। आपकी ओषधि तैयार है।

अब इसे लेना कैसे है ये जान लेते है।

2 बड़े चम्मच सुबह खाली पेट और 2 बड़े चम्मच शाम के भोजन के बाद ले। अदरक की जड़ों में मितली से निजात दिलाने की क्षमता होती है, जो स्मोकिंग छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा परेशान करने वाले लक्षणों में से एक है।

हल्दी में कैंसररोधी तत्व भारी मात्रा में पाए जाते हैं। हल्दी एंटी-इन्फ्लेमेट्री, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-कैंसर और एंटी-टॉक्सिटी गुणों से भरपूर होता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर कर तमाम बीमारियों के खतरों से बचाने में हमारी मदद करता है।

धूम्रपान की वजह से ख़राब फेफड़ो को साफ़ करने के लिए दूसरा नुस्खा जिसको बनाने के लिए हमे जरूरत पड़ेगी गाजर और शहद की।

गाजर को काट कर इनमे थोड़ा सा पानी डाल कर आग पर रखें और पकाए। गाजर अच्छी तरह से पक जाने के बाद गाजरों को ब्लेंडर में डालकर ब्लेंड करें | जिस पानी में गाजरो को पकाया था वे पानी सम्भाल कर रखें वह आगे काम आयेगा।

अब गाजरों के मिश्रण में 10 चम्मच शहद और गाजर का पानी डाल कर मिक्स करें। इस मिश्रण को फ्रिज में स्टोर करें और रोजाना दिन में इस मिश्रण के 3-4 चम्मच सेवन करें। इस नुस्खे के सेवन से कुछ ही दिनों में आपके फेफड़ो में धूम्रपान की वजह से जमी हुई गंदगी निकल कर साफ़ हो जायेगी और आपके फेफड़े स्वस्थ होकर और मजबूत बनंगे।

दोस्तों हमने इस नुस्खे में गाजर और शहद का इस्तेमाल किया है। शहद में एंटीसेप्टिक (रोगाणु रोधक), एंटीबायोटिक (प्रतिजीवाणु) और अन्य औषधीय गुण भी होते हैं जो धूम्रपान की वजह से हो फेफड़ो में हो रहे इन्फेक्शन को ख़त्म करेगा और गाजर अनेक पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के और विटामिन बी8, पैंटोथेनिक एसिड, फोलेट, पोटेशियम, आयरन, तांबा और मैंगनीज जैसे और भी कई मिनिरल व विटामिन्स पाए जाते हैं।

गाजर में अधिक मात्रा में फाइबर और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है जो धूम्रपान की वजह से फेफड़ो में उत्पन्न  कैंसर के खतरों को कम करता है और फेफड़ो को साफ़ कर पाचन तन्त्र में सुधार लाता है। अच्छी बात तो यह है कि गाजर पुरे वर्ष बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है।

धूम्रपान की वजह से ख़राब फेफड़ो को साफ़ करने के लिए तीसरा नुस्खा जिसको बनाने के लिए हमे सबसे पहेले जरूरत पड़ेगी अदरक का रस , दालचीनी, नींबू का रस , शहद, लाल मिर्च पाउडर

लाल मिर्च पाउडर की जगह आपको कायन पेपर का इस्तेमाल करना होगा। दोस्तों कायेन पेपर एक तरह का लाल मिर्च  का पाउडर ही होता है लेकिन वो थोडा मोटा होता है और मोटी व् लम्बी लाल मिर्च से बनाया जाता है वैसे आप लाल मिर्च का भी इस्तेमाल कर सकते है 

लेकिन कायेन पेपर साधारण लाल मिर्च से अधिक फायेदेमंद होती है इसलिए आप कायेन पेपर का ही इस्तेमाल करे तो नुस्खा ज्यादा फायेदेमंद साबित होगा। कायेन पेपर का इस्तेमाल बॉडी को Detox करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

इस नुस्खे को बनाने के लिए सबसे पहले आपको दो कप पानी को अच्छी तरह उबाल लेना है। पानी को उबाल लेने के बाद आप इसे एक गिलास में जमा कर ले। इसके बाद आधा चम्मच कायेन पेपर, आधा चम्मच दालचीनी पाउडर, एक चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर इन सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह से मिला लें। इस तरह से आपकी यह औषधि तैयार हो जाएगी।

इस औषधि का सेवन हमें रोज रात को खाना खाने के बाद करना है। इस औषधि में मौजूद दाल चीनी और नींबू का रस हमारे शरीर के अंदर निकोटीन के कारण हो रहे लंग्स का काले रंग को आसानी से हटाने में मदद करेगा।

ये तीनो ही नुस्खे कारगर है इन नुस्खो के सप्ताह भर इस्तेमाल से ही आपके फेफड़े कुछ हद तक साफ़ स्वस्थ हो जायेंगे और कुछ दिनों तक इन नुस्खो के इस्तेमाल से आपके फेफड़े पूरी तरह साफ़ होकर एक दम स्वस्थ हो जायेंगे।

इन नुस्खो के साथ साथ आवश्यक सावधानियो का ध्यान रखना भी आवश्यक है नही तो किये गये उपाय पूरी तरह से बेअसर साबित होंगे।

सबसे पहले आपको सभी प्रकार के नशे जैसे तम्बाकू ,बीडी, सिगरेट, का सेवन बिलकुल बंद करना होगा। अब आप यह बोलेंगे कि यही तो नही होता यानि कुछ लोग धूम्रपान छोड़ना चाहेते है लेकिन छूटता नही शराब छोड़ना चाहते है लेकिन छूटता नही।

अब वो यह कहते है कि तलब उठ जाती है क्या करे? हम पूरी कोशिश करते है छोड़ने के लिए लेकिन हर बार नाकाम रहते है तो उनके लिए होमियोपैथी में दवा है जिसके इस्तेमाल से नशे की लत को छेड़ने में पूरी तरह मदद करेगी।

जो लोग गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी का सेवन करते है उनके शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है। उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे। ये दवा आपको होमियोपैथी की दुकान पर आसानी से मिल जायेगी।

जो लोग बहुत ज्यादा चाय और काफी का सेवन करते है उनके शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे।

अब बात करते है इसे लेना कैसे है?

आप इसके बारे में किसी होम्योपेथ डॉक्टर से सलाह ले क्योकि होम्योपेथ डोक्टर ही निर्धारित करेगा कि आपको दवा कितनी शक्ति में देना है शक्ति से मतलब potency होता है जैसे phosphorus 200 potncy…1000 potncy….1m और 10m potncy में आती है तो ये होम्योपेथ डॉक्टर ही आपको बतायेगा कि आपको दवा कितनी potancy में देना है।

ये दवा उन लोगो के लिए है जो लोग नशा छोड़ना चाह्ते है लेकिन कुछ लोग नशा छोड़ना ही नही चाहते और जबरदस्ती ये दवा उनको देते है तो दवा काम नही करेगी।

दोस्तों खाने में तला हुआ ..जंक फ़ूड …बाहर की चीजो का सेवन ना करे। ज्यादा ठंडी चीजो का भी सेवन ना करे अधिक से अधिक हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करे। हरी पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होती है जो फेफडों में मौजूद विशेले पदार्थों को निकालकर बाहर करती हैं।

अपने फेफडों को साफ करने के लिए आपको अपने आहार में गोभी, ब्रोकोली, एवं कोल्हाबी को शामिल करे आप इनका सेवन सलाद के रूप में या सब्जी के रूप में कर सकते हैं और अपनी लाइफ स्टाइल में हल्का वर्कआउट और विशेष प्राणायाम शामिल करे, फेफड़ो को स्वस्थ मजबूत बनाने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम…कपालभाति…अनुलोम-विलोम, पद्म सर्वांगासन…मत्स्यासन बहुत लाभकारी होते है।

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तो इसी के साथ हम उम्मीद करते हैं आज का यह लेख आपके लिए कारगर सिद्ध हुआ हो।