इन बर्तनों में बना भोजन है स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम और स्वास्थ्यवर्धक (Healthy food)!

42
मिटटी उष्णता (गर्मी) की कुचालक है अत: मिटटी के बर्तन में भोजन(Healthy food)पकाने से भोजन को धीरे-धीरे उष्णता प्राप्त होती है।परिणाम स्वरूप भोजन के तत्व जैसे दाल -सब्जी के विटामिन और प्रोटीन कम नही होते व 100% पोषक तत्व (Healthy food)सुरक्षित रहते है।
यदि कांसे के बर्तन में भोजन पकाया जाए तो 97% पोषक तत्व सुरक्षित रहते है। पीतल के बर्तन में भोजन पकाने पर 93% पोषक तत्व सुरक्षित रहते है। एल्युमिनियम के बर्तन में पकाने से 87% पोषक तत्व नष्ट हो जाते है और भोजन आरोग्य के लिए हानिकारक हो जाता है।
भोजन में कुछ एल्युमिनियम की मात्रा चली जाएगी जो अनेक बिमारियों उदहारणार्थ दमा,अस्थमा,कैंसर ,यादाश्स्त कमजोर होना,शरीर के अंगो का कांपना आदि रोग पैदा होते है। लाल रक्त कण भी नष्ट हो जाते है।

मिटटी के अन्दर शरीर के लिए आवश्यक सारे खनिज तत्व है। मिटटी के बर्तन में भोजन पकाने से मिटटी के कुछ अंश भोजन में चले जाते है। यह मिटटी के पेट में जाने के बाद घुल जाते है व सारे तत्व भोजन पचने के बाद रस में मिल जाते है और रक्त में पहुंच जाते है। 16 प्रकार के खनिजों की क्षति की पूर्ति रोज हो जाती है। शरीर निरोगी रहता है। खनिजों की क्षतिपूर्ति भोजन प्रदार्थ (अनाज,दालें,फल सब्जियां)आदि के द्वारा हो जाती है।

हमारे शरीर को प्रतिदिन 18 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व चाहिए जो मिटटी से ही मिलते है। जैसे – केल्शियम,मैग्नीशियम,सल्फर,आयरन,सिलिकोन आदि। मिटटी के इन्ही गुणों और पवित्रता के कारण हमारे यहाँ पूरी के मंदिरों (उड़ीसा) में और अन्य कई मंदिरों में आज भी मिटटी के बर्तनों में प्रसाद बनता है

मिटटी के बर्तन में तैयार भोजन की पोषकता – 100%
कांसे के बर्तन में तैयार भोजन की पोषकता – 97%
पीतल के बर्तन में तैयार भोजन की पोषकता -93%
एल्युमिनियम के बर्तन व प्रेशर कुकर में तैयार भोजन में केवल 7%से 13% पोषक तत्व ही बचते है
आग्रह :- अपने आसपास के गरीब कुम्हारों से मिटटी के बर्तन लें तथा उन्हें बनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि आपका स्वास्थ्य और उनका चूल्हा अच्छे से चल सके।

⇒हर घर में होती है ये आम गलती जिससे 50 की उम्र में बूढ़े,और बिमारियों से गिर जाता है शरीर⇐click करें