आज की भाग-दौड़ की जीवन शैली में स्वस्थ कैसे रहे

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आज की भाग-दौड़ की जीवन शैली में स्वस्थ कैसे रहे

आज की जीवन शैली से हम कई रोगों को बढ़ावा दे रहे है आज की भाग दौड़ और कामकाज में हम अपने शरीर पर ध्यान ही नहीं दे पाते है और फिर किसी रोग से ग्रसित हो जाते है जैसे मोटापा,कब्ज,एसिडिटी,गैस,पेट फूलना,आलस्य आना, नींद नही आना आदि रोगों से ग्रसित हो जाते है इसलिए हमे स्वस्थ रहने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जीवन शैली और खान-पान में बदलाव करके कई रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है घरेलू वस्तुओं का उपयोग करके शरीर तो स्वस्थ रहेगा ही बीमारी पर होने वाला खर्च भी बचेगा

आइये जानते है इन आसन से घरेलू उपायों को –

1.पानी के विकल्प में आप सुबह के भोजन के बाद मौसमी फलों का ताजा रस पी सकते है दोपहर के भोजन के बाद छाछ और अगर आप ह्रदय रोगी नहीं है तो दही की लस्सी भी पी सकते है और शाम के भोजन के बाद गर्म दूध पी सकते है आपको इन चीजों में उलट-पलट नहीं करना है
2.पानी जब भी पिए बैठ कर पिए और घूंट-घूंट करके पीये फ्रिज का पानी कभी नहीं पिए गर्मी के दिनों में मिटटी वे घड़े का पानी पी सकते है
3. फलों का रस अत्यधिक तेल की चीजे,मट्टा,खट्टी चीजे रात में नहीं खानी चाहिए |घी या तेल की बनी चीजे खाने के बाद कभी भी तुरंत पानी नही पीना चाहिए बल्कि एक-डेढ़ घंटे के बाद पानी पीना चाहिए
4.भोजन करने के तुरंत बाद अधिक तेज नहीं चलना या दौड़ना नुकसानदायक है इसलिए कुछ देर आराम करके फिर जाना चाहिए शाम को भोजन के बाद शुद्ध हवा में टहलना चाहिए खाने के बाद तुरंत सो जाने से पेट में गड़बड़ियाँ हो जाती है
5.शहद और घी को बराबर मात्रा में मिलाकर नहीं खाना चाहिए क्योंकि
यह विष बन जाता है
6. खाने -पिने में विरोधी चीजों को एक साथ नहीं खाना चाहिए जैसे दूध और कटहल,दूध और दही,दूध और मछली आदि चीजों का एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए
7.सिर पर कपड़ा बांधकर या मोज़े पहन कर नहीं सोना चाहिए
8.यदि किसी दवा को पतले प्रदार्थ में मिला कर लेना हो तो चाय,कोपी या दूध में नहीं मिलाकर छाछ,नारियल का पानी या सादे पानी में मिलाकर लेना चाहिए किसी भी रोगी को घी,तेल या अत्यधिक चिकनी प्रदार्थों के सेवन से बचना चाहिए
9. हिंग का उपयोग हमेशा घी में भुनकर करना चाहिए
और इस तरह से कुछ नियम अपना कर हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है