सिर्फ 1 दिन में करें पीलिया रोग (Jaundice disease) को जड़ से समाप्त !

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दोस्तों आज यह जानकारी उन लोगो के लिए बहुत खास है जिनको पीलिया रोग (Jaundice disease) है। आज इस लेख में आपको पीलिया (Jaundice) के बारे में विस्तार से बताया जायेगा कि ये किस कारण होता है और इसका सटीक उपचार क्या है जिससे की पीलिया (Jaundice) जल्दी से ठीक हो जाए।

दोस्तों उपचार बताने से पहले हम आपको इस रोग के बारे में कुछ जानकारी दे देते है ताकि आप इसे आसानी से समझ सके और इसका सही और सरल तरीके से उपचार कर सके। जिससे आपको बाद में कोई परेशानी ना हो और आप इस रोग से आसानी से मुक्त हो सके।

दोस्तों पीलिया ऐसा रोग है जो एक विशेष प्रकार के वायरस और किसी कारणवश शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ जाने से होता है। इसमें रोगी को पीला पेशाब आता है और उसके नाखून, त्वचा एवं आखों का सफ़ेद भाग पीला पड़ जाता है। बेहद कमजोरी, कब्जियत, जी मिचलाना, सिरदर्द तथा भूख न लगना आदि परेशानिया भी होने लगती है।

इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते पर ये रोग जब बढ़ जाता है तब मरीज की आँखे और नाख़ून पीले पड़ जाते है। इसके अलावा पेशाब पीले रंग का आने लगता है और खाना ठीक से नहीं पचता। साथ ही कुछ और लक्षण भी है जिनसे पीलिया की पहचान कर सकते है।

पीलिया या Viral Hepatitis एक प्रकार के वायरस से होने वाला रोग है जो इस रोग से पीडित रोगी के मल के संपर्क में आये हुए दूषित जल से, इंफेक्शन होने से, लिवर कमज़ोर होने से, शरीर में ब्लड की कमी होने से, सड़क किनारे कटी खुली और दूषित चीज़े खाने आदि से फैलता है।

कई लोग इससे ग्रस्त होते है उनके मल से इसके वायरस दूसरो तक पहुच जाते है। पेट से यह लीवर में और वहां से सारे शरीर में फ़ैल जाता है। रोगी को लगाईं गई सुई का किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में बिना उबाले प्रयोग करने से व रोगी का खून स्वस्थ व्यक्ति में चढ़ाने से भी यह रोग फैलता है ।

इसके अतिरिक्त शरीर में अम्लता की वृद्धि, बहुत दिनों तक मलेरिया रहना, पित्त नली में पथरी अटकना, अधिक मेंहनत, ज्यादा शराब पीना, अधिक नमक और तीखे पदार्थो का सेवन, दिन में ज्यादा सोना, खून में रक्तकणों की कमी होना आदि कारणों से भी पीलिया रोग की उत्पत्ति होती है।

तो दोस्तों यह तो आपने जान लिया की पीलिया किस कारण होता है। अब जान लीजिए की पीलिया के लक्षण क्या है और इस रोग को कैसे पहचाने?

दोस्तों पीलिया के लक्षण पहचानना बेहद आसान है –

  • इस रोग में बिलरुबिन का स्तर खून में बढ़ने लगता है जिससे त्वचा, नाखून और आंख का सफेद हिस्सा तेजी से पीला होने लगता है।
  • अक्सर फ्लू जैसे लक्षण विकसित होते हैं और मरीज को ठंड लगने के साथ ही या उसके बिना भी बुखार चढ़ने लगता है।
  • मतली, खाने के प्रति विरक्ति, भूख कम लगना।
  • पेट में दर्द होना, कभी-कभी मरोड़ उठना।
  • वजन घटना, हाथो में अजीब सी गंध आना।
  • गहरा/पीला पेशाब होना बुखार आना, सिर दर्द होना, आँखे दर्द होना।
  • उल्टी आना और जी मचलना, कमज़ोरी आना और जल्दी थकान आना।
  • लगातार थकान महसूस करना ये सब पीलिया के लक्षण है।

अब जानते है की इस रोग को ठीक कैसे करना है?

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दोस्तों अभी जो नुस्खा हम आपको बताने वाले है इससे बस एक ही दिन में पीलिया ठीक हो जायेगा। हाँ दोस्तों आपने बिलकुल ठीक पढ़ा, एक ही दिन में 100% ठीक होगा। यह नुस्खा बहुत ही अद्भुत है, बहुत ही सरल है और आसान है।

बस एक बात का ध्यान रखे कि इस नुस्खे को 12 साल से उपर कितनी भी आयु हो वो सब इस्तेमाल कर सकते है। 12 से कम उम्र के बच्चे इसका इस्तेमाल नही कर सकते है। अगर 12 साल से कम उम्र वाले बच्चे को पीलिया है तो मात्रा कम करनी पड़ेगी वो हम आपको आगे इस लेख  में बता देंगे। तो आप इस बात का ध्यान रखे।

दोस्तों यह नुस्खा परीक्षित नुस्खा है। इस नुस्खे को सेकड़ो लोगो ने आजमाया है और परिणाम स्वरूप एक ही दिन में उनका पीलिया ठीक हुआ है। तो आप भी इसका इस्तेमाल कर सकते है।

इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको दो चीजो की आवश्यकता होगी जो है कच्ची फिटकरी और दही।

दोस्तों कच्ची फिटकरी आपको पंसारी की दूकान पर आसानी से मिल जायेगी। तो आप वहा से इसे खरीद ले आइये। बहुत सस्ती आती है। आप तो बस 5 रूपए की ले आइये और उसको कूट कर उसका पाउडर बनाकर कांच की शीशी में भर कर रख लीजिये।

अब डेड पाँव दही आपको किसी बर्तन में लेना है और उसमे साढ़े तीन ग्राम फिटकरी पाउडर मिलाना है। मिलाने के बाद इसको अच्छे से चम्मच से मिक्स करना है ताकि पाउडर उसमे अच्छे से मिल जाए और मिक्स होते ही रोगी को यह दवा पीने के लिए दे दीजिये। दवा कब देना है?

सुबह के समय और निश्चिंत हो जाइए कोई भी दूसरी दवा रोगी को देने की जरुरत नही होगी। बस आपको यह नुस्खा एक ही दिन करना है और एक ही दिन में पूरा पीलिया ठीक होगा शत प्रतिशत।

बस आपको एक सबसे महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना है कि दवा देने के बाद जब भी रोगी को प्यास लगे तो उसे दही पिलाइए भूख लगे तो दही पिलाइए अगर रहा न जाए तो एक दो घुट पानी भी पि सकते है। दही आप अपने हिसाब से ले सकते हो इसमे मात्रा फिक्स नही है। जितना आप खा सको उतना ही लें।

दोस्तों फिटकरी तो केवल एक ही बार मिलानी है सुबह के समय। फिर तो केवल दही का ही सेवन करना है। उसमे फिटकरी नही मिलानी है, इस बात का ध्यान रखे।

इस प्रयोग को करने के बाद हो सकता है की किसी को उलटी आये पर इससे आप गबराए नही। आपको कुछ नही होगा। प्रयोग को करने के बाद शाम को सात साढ़े सात बजे रोगी थोड़ी सी खिचड़ी खिलानी है इसके आलावा कुछ भी नही खिलाना है और अगले दिन से अपने हिसाब से कुछ भी खा सकते है।

आपको इस उपाय में बस एक ही दिन का परहेज रखना है और कुछ नही और आप देखेंगे की केवल एक ही खुराक में पीलिया जड़ से खत्म होगा और रोगी बिलकुल ठीक हो जायेगा। यह प्रयोग करने के 5, 7 दिन बाद आप पीलिया की जांच करा लीजिये। शायद ही आपको इस प्रयोग को करने के बाद दूसरी डोज की जरूरत पड़े।

इसकी एक ही खुराक में पीलिया का रोगी ठीक होगा और यदि 20-25 दिन बाद आपको लगे कि कुछ खराबी आ रही है तो इस प्रयोग को एक बार पुनः दोहरा कर सकते है अन्यथा अभी तक तो ऐसा हुआ नही है कि एक ही खुराक में रोगी ठीक न हुआ हो।

दोस्तों इस प्रयोग को करने से पहले एक बात का और ध्यान रखिये कि जिसको यह दवा दे रहे है कही उसे हार्ट की बीमारी तो नही है दिल का रोगी तो नही है तो ऐसे व्यक्ति को सोच समझ कर ही यह दवा दीजिये।

अब जो बारह साल या 13 साल के बच्चे है उनको ये दवा देना है तो आप उनको ढाई ग्राम या पोने तीन ग्राम फिटकरी पाउडर दही में मिला कर दे सकते है।

जो बड़ा व्यस्क आदमी हो उनको साढ़े तिन ग्राम या 4 ग्राम पाउडर दही में मिलाकर देना है। पुरे दिन दही दही खाना है और शाम को थोड़ी खिचड़ी खानी है। बस यह नुस्खा है इसको आपको करना है।

दोस्तों इस तरह के नुस्खे को फकड़ी नुस्खा कहते है जो कि काफी समय पहले के महात्माओ को पता होती थी। आज तक कोई ऐसी दवा नही है जो केवल एक ही खुराक में पीलिया को ठीक कर दे।

तो दोस्तों एक तो यह नुस्खा है पीलिया को ठीक करने का। अब हम आपको एक और नुस्खा बता रहे है जिससे आपका पीलिया केवल 4-5 दिन में ही ठीक हो जाएगा। तो आप उसे भी थोडा ध्यान से नोट कर लीजिये।

दोस्तों इस उपाय को करने के लिए आपको दो चीजो की आवश्यकता होगी जो है 1 पान का पत्ता और दूसरा मदार यानि आक के 2 बिलकुल छोटे छोटे पत्ते। बड़े पत्ते नही लेने है।

अब पान का पत्ता लीजिये और उसके बीच में दोनों आक़ के पत्ते रख दीजिये और उसको फोल्ट कर लीजिये जैसे कि पान वाला करता है वैसे। फिर इसे मुह में डालकर धीरे धीरे चबाना है और उसके रस को निगलना है।

दोस्तों ऐसा आपको 3 से 4 दिन तक करना है और सुबह के समय करना है खाली पेट और आपका पीलिया खत्म। इसमे बस एक बात का ध्यान रखे की गर्मी करने वाली चीजे नही खानी है तली हुई चीजे नही खानी है, मिर्च मसाले नही खाने है।

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