लेमन ग्रास (Lemongrass) के फायदे और नुकसान 

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Lemongrass

लेमनग्रास (Lemongrass) का महत्व अथवा नींबू घास का महत्व उसकी सुगन्धित पत्तियों के कारण हैं। पत्तियों से वाष्प आसवन के द्वारा तेल प्राप्त होता हैं जिसका उपयोग कोस्मेटिक्स, सौन्दर्य प्रसाधन,साबुन कीटनाशक एवं दवाओं में होता हैं।

लेमन ग्रास एक औषधिक पौधा है, जो हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है। इसका वैज्ञानिक नाम सिंबोपोगोन साइट्रस है। इसके नाम से ये किसी घास के जैसा महसूस होता है लेकिन वास्तव में ये घास नही है। ये घास की तरह हरी और आम घास के मुकाबले ज्यादा लंबी होती है।

इस तेल का मुख्य घटक सिन्ट्राल से प्रारम्भ करके एल्फा – आयोनोन एवं बीटा आयोनोन तैयार किया जाता हैं। बीटा आयोनोन के द्वारा विटामिन ए संश्रेलेषित किया जाता हैं।

लेमनग्रास उगाने का मौसम –

Lemongrass

लेमनग्रास प्लांट को किसी भी मौसम में लगायी जा सकती हैं। मगर एक बात का ध्यान रखें अगर आप ज्यादा सर्दी या बारिश वाली जगह रहते हैं तो थोड़ा इन्तजार करें। क्योंकि यह पौधा 2 डिग्री से कम तापमान में नहीं उगता हैं।

लेमनग्रास को अगर उगने के लिए सही जगह मिले तो यह 18-24 इंच तक बढ़ सकती हैं। नींबू घास उष्ण और उपोष्ण दोनों प्रकार की जलवायु में सुचारू रूप से वृद्धि करती हैं समान रूप से विपरीत 250 से 300 एम.एम. वर्षा इसके लिए उपयुक्त होती हैं, परन्तु वर्षा वाले क्षेत्रों में भी वृद्धि अच्छी होती हैं यह प्रमुख रूप से वर्षा पर आधारित दशा में उगाई जाती हैं।

कैसी भूमि में उगती हैं – यह घास सभी प्रकार की मृदा में होती हैं परन्तु जल लग्नता यह सहन नहीं कर सकती हैं। अत: अच्छे जल निकास वाली भूमि का चयन करना आवश्यक होता हैं दोमट मृदा इसकी खेती के लिए बहुत उपयोगी होती हैं। दालान वाले क्षेत्रों जहाँ पर मृदाक्षरण अधिक होता हैं,

वंहा पर इसकी रोपाई करने से मृदाक्षरण रुक जाता हैं,यह 6.5 पी. एच तक उगाई जा सकती हैं।यह पहाड़ों की ढलानों के बंजर क्षेत्र में उगाई जा सकती हैं। जहाँ पर अन्य फसलें नहीं उगाई जा सकती हैं।

लेमनग्रास टी का उपयोग कैसे करें – नींबू की सुंगंध वाली लेमनग्रास का इस्तेमाल चाय बनाने में कर सकते हैं इसका इस्तेमाल सूप बनाने में भी हो सकता हैं,इसका
पेस्ट सब्जियों में इस्तेमाल कर सकते हैं चाय में इस्तेमाल करने पर बुखार,कफ और सर्दी में फायदा होता हैं,

लेमनग्रास यानी हिंदी भाषा में (नींबू घास) मुख्य रूप से उत्तर भारत में उगाई जाने वाली घास हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। अगर आप इसके फायदे नहीं जानते हैं तो जरुर जान लीजिए। बहुत से अध्ययनों में पाया गया हैं,लेमनग्रास टी से बहुत सारी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता हैं।

लेमनग्रास टी के फयदे – Lemongrass

लेमनग्रास टी में सिरदर्द दूर करने वाले तत्व पाएं जाते हैं, लेमनग्रास टी कोलेस्ट्रोल लेवल को नियंत्रित करने में मददगार हैं, अगर रोज एक कप लेमनग्रास टी पीते हैं तो त्वचा पर निखार आता हैं।

लेमनग्रास टी में एंटीओक्सिडेंट, एंटीफ्लामेंटरी, और एंटीसेप्टिक गुण भरपूर मात्रा में होते हैं, लेमन ग्रास हमारे नर्वस सिस्टम, त्वचा और इम्यून सिस्टम के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसके सेवन से कई बीमारियों का खतरा कम कर देता है जैसे – टाइप-2  डायबिटीज, मोटापे, कैंसर, पेट संबंधी बीमारियाँ, इंसोम्निया, श्वसन संबंधी आदि।

वजन कम बहुत से लोगो का में मानना है कि लेमन ग्रास के सेवन से वजन भी कम किया जा सकता है, क्योंकि इसमें सिट्रोल पाया जाता है जो पेट में वसा के संचय को रोक देता है। जिससे वजन का बढ़ना रुक जाता है।

त्वचा के लिए लेमन ग्रास हमारे त्वचा के लिए त्वचा टॉनिक के रूप में काम करता है। इसमें पाये जाने वाले एंटीसेप्टिक गुण होने के कारण ये हमारी त्वचा की रक्षा करती है। इसके इस्तेमाल से बेदाग़ और पिम्पल-फ्री त्वचा पाने में सहायक है।

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जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से आपको बचाए रखने में मददगार होती हैं। यह दिमाग तेज करने के लिए भी बेहतरीन हैं। और शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दर्द को समाप्त करने के लिए लेमनग्रास की चाय पीना काफी लाभकारी हो सकता हैं ख़ास तौर से सिर दर्द और जोड़ों के दर्द में यह बेहद फायदेमंद हैं।

और खाने को पचाने में बहतरीन कारगर हैं ये औषधि अगर भारी कहना खा लिया हो तो खाने के बाद एक कप लेमनग्रास टी पी लीजिए यह आपका खाना अच्छे से पचाने में मदद करेगी।

और पेट से सम्बन्धित समस्याएँ जैसे पेट दर्द, गैस, पेट फूलना,कब्ज अपच जी मिचलाना या उल्टी आना जैसी समस्याओं में भी यह असरकारी औषधि हैं, इसके अलावा यह पेट में होने वाली ऐंठन में भो फायदेमंद हैं। यह आयरन से भरपूर हैं, आयरन से भरपूर होने के कारण लेमनग्रास का उपयोग एनीमिया के रोगियों के लिए फायदेमंद होता हैं

इसके अलावा नियमित सेवन से शरीर में आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता हैं। और जिन बच्चों को नींद नहीं आती हैं,उनके लिए इनका सेवन फायदेमंद हैं, पाचन संबंधित समस्याओं में छुटकारा मिलने में मदद मिलती हैं।

यह मानसिक समस्याओं में भी बहुत कारगर साबित हुई हैं, शरीर के आंतरिक भागों की सफाई में मदद करती हैं। इतना ही नहीं कैंसर जैसी बिमारी से लड़ने में भी लेमनग्रास बहुत मददगार हैं।

Lemongrass

लेमनग्रास टी बनाने की विधि – (1) लेमन टी बनाना बहुत ही सरल तरीका हैं, सबसे पहले लेमनग्रास की पत्तियों को अच्छी तरह से धो लें फिर उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि आसानी से उबल जाएँ अब एक पैन लीजिए और उसमें 5 कप पानी डाले और इसे उबलने दें,अब इसमें लेमनग्रास के टुकड़े डाले और आंच धीरे कर दे,

आंच को कम करने से इससे फ्लेवर बहुत अच्छा आएगा ताकि यह खुशबुदार और स्वादिष्ट बने इसमें थोड़ा सा गुड़ भी डाले,गुड़ की जगह शहद भी डाल सकते हो और 5 कप से 3 कप रह जाएँ तब आंच को बंद कर दें अब इसे छान लें और गर्म-गर्म परोसे यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं, इसका सेवन आप भोजन के बाद करें ताजा लेमनग्रास टी जो भोजन को पचाने में सहायता करेगी।

लेमनग्रास और पुदीने की (टी) बनाने की विधि – लेमनग्रास को धोएं और छोटे-छोटे टुकड़ों में काटे और पुदीने की पत्तियों को धोकर इसे भी छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें अब एक पैन लें और उसमें 5 कप पानी डाले पानी को उबलने दें,

अब इसमें लेमनग्रास के टुकड़े डाले और पुदीने के टुकड़े भी डाले अब आंच को कम कर दे ताकि धीमी आंच से पत्तियों का रस अच्छे से निकल जाएँ और लेमन टी का फ्लेवर अच्छा आएँ और लेमन टी खुशबुदार और स्वादिष्ट बने अब इसमें थोड़ा सा गुड़ डाल दें

अगर गुड़ नहीं डालना चाहते हो तो शहद भी डाल सकते हो और 5 कप से 3 कप रह जाएँ तब आंच बंद कर दें,और लेमनग्रास टी को छान लें और गर्म -गर्म परोसे लेमनग्रास में प्रसन्न करने वाला गुण होता हैं, इसलिए यह तनाव और अनिद्रा को दूर करने में मदद करता हैं। और पुदीना में डिटॉक्सिफिकेशन होता हैं,और क्लींजिंग में मदद करता हैं।

लेमन ग्रास के नुकसान 

  1. जिन लोगो को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, वो लेमन ग्रास का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  2. कुछ लोगो को लेमन ग्रास से एलर्जी हो सकती है जैसे – गले में सूजन, खुजली, साइन में दर्द आदि।
  3. गर्भवती और स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। लेमन ग्रास के सेवन से माहवारी शुरू हो जाती है, इससे मिसकैरेज का डर बना रहता है।
  4. वैसे तो इसके सेवन के कोई दिक्कत नही होती है लेकिन इसके अधिक मात्रा में उपयोग करने से चक्कर आना, अधिक भूख लगना, मुंह सूखना, अधिक पेशाब आना, थकान आदि हो सकता है।
  5. लेमन ग्रास तेल के इस्तेमाल से त्वचा पर जलन और रैशेज, आंखों में जाने से आंखों में जलन हो सकती है।

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