शरीर और चेहरे से कील मुंहासे (Pimple’s panacea treatment) हटाने के 8 आसान उपाय

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Pimbal's-panacea-remedy
बेदाग सुंदर चेहरे (Pimple’s panacea treatment) का सपना हर कोई देखता है लेकिन चेहरे की ये सुन्दरता उस समय फीकी पड़ जाती है। जब चेहरे पर किसी जगह मुँहासे आए।

हालाँकि मुँहासे चेहरे पर ही नहीं शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं यूं तो मस्से से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचती, लेकिन यह आपके लुक को प्रभावित कर सकते हैं। आजकल त्वचा सम्बन्धी रोगों में शरीर पर मुँहासे निकलने की समस्या भी होने लगी है। मस्से आमतौर पर स्त्री-पुरुष दोनों के निकलते है लेकिन फिर भी यह समस्या महिलाओं में अधिक होती है। मुँहासे हमारे शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते है पर आमतौर पर यह चेहरे हाथ पैरों पर अधिक होते है।

त्वचा में इन्फेक्शन होने के कारण त्वचा के बाहर की परत तेजी से बढने का अनुभव करती है जिसे कारण शरीर पर मस्से हो जाते है। मुँहासे हयूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) नामक विषाणु के कारण होता है। जो कि नॉन-कैंसरस होता है। यह विषाणु हमारे शरीर में जहाँ कि त्वचा कटी व फटी हो वहां से प्रवेश कर जाता है और फिर यह बढ़कर हमारी त्वचा की बाहरी परत को प्रभावित करता है  हमारी त्वचा पर होने वाले ये मुँहासे कई प्रकार के होते है।

मुँहासे के प्रकारPimbal's panacea remedy

कॉमन मुँहासे- यह अक्सर हमारे हाथों में पाए जाते है जो खुरदुरे और उभरे हुए होते है।
फ्लैट मुँहासे – यह मुँहासे अन्य मस्सों छोटे और मुलायम होते है। इनके सिरे फ्लैट होते हैं और यह सामान्यत: चेहरे, बांहों और टाँगों पर पाये जाते हैं।
फिलीफार्म मुँहासे – यह ज्यादातर चेहरे पर पायें जाते है यह बढने के बाद धागों की तरह दिखते है।
प्लांटर मुँहासे-यह कंडे और मोटे पेंच होते है जिनमे छोटे-छोटे काले बिंदु होते है जो हमारे पैरों के तलुओं में पाये जाते हैं और जब ये गुच्छों में बनते हैं तो मोजॉइक मस्से के रूप में जाने जाते हैं।
पेरिंयगुअल मुँहासे-इनकी सतह खुरदरी होती है यह हमारे नाखूनों के नीचे होते है जिससे नाख़ून बढना कम हो जाता है।
जेनिटिक मुँहासे – यह शरीर के प्रजनन सम्बन्धी भागों जैसे कि योनि,लिंग,गुदा और अंडकोष पर निकलते हैं। ये उभरे हुए या चपटें, अकेले या गुच्छों में बन सकते हैं।

त्वचा पर मुँहासे होने के कारण-
अगर आप अपने मस्से को बार-बार छूते हो और फिर अपने शरीर के दुसरे हिस्से को छुते हो तो यह आपको उस जगह भी हो सकता है या संक्रमित कर सकता है।
अगर आप संक्रमित है और आपके तौलिये को दुसरे भी इस्तेमाल से करते है तो उनको भी हो सकता है।
यदि आपका इम्यून पॉवर कमजोर है तो आपको एच.पी.वी.वायरस का संक्रमण हो सकता है।मस्से हो सकते है।

मुँहासे के लक्षण –
मुँहासे होने पर त्वचा पर अतिरिक्त उभार आ जाता है। मस्से अलग-अलग प्रकार व रंगो के हो सकते है,यह मुलायम और खुरदरे भी हो सकते है। मुँहासे में दर्द नहीं होता है पर वह यदि पैर या पैर के तलवे में है तो दर्द हो सकता है आदि लक्षण हो सकते है।
मुँहासे होने पर क्या खाएं क्या नहीं खाएं-

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क्या खाना चाहिए-
वह सब्जियां जो इस वायरस से लड़ने के लिए आपके इम्यून सिस्टम को शक्ति दे जैसे, पालक, केला, ब्रोकली आदि जो विटामिनों से भरपूर होती है।
जामुन,टमाटर,चेरी,कददू आदि फल जो मस्सों को घटाने में सहायक होते है।

क्या नहीं खाना चाहिए-रिफाइंड तेल से बनी चीजों का सेवन नहीं करें।
जंक फ़ूड और फ़ास्ट फ़ूड का सेवन नही करें।
केक,कुकीज,डोनट जैसे ट्रांस फैट युक्त आहार का सेवन नहीं करें।
जिन पदार्थो में शक्कर की मात्रा अधिक हो ऐसे पदार्थो का सेवन नहीं करें।

घरेलू उपचार-

  1.  प्याज का रस निकालकर मस्सों पर नियमित रूप से सुबह-शाम लगाने से मस्सा धीरे-धीरे सुखकर निकल जाता है।
  2. बरगद के पत्तों का रस निकालकर मस्सों पर लगाने से त्वचा मुलायम होकर मस्से झड़ जाते है।
  3. आलू को तुरंत काटकर दिन में तीन से चार बार रगड़े ऐसा करने से मस्से सुखकर गिर जायेगे।
  4. अलसी के बीजों को पीसकर उसमे अलसी का तेल और शहद मिलाकर इस मिश्रण को लगाने से चार से पांच दिन में काफी ठीक हो जाएगा।
  5. लहसुन की कली को काटकर मस्से पर रगड़ने से कुछ ही दिनों में मस्से सुखकर गिरने लगेंगे।
  6. ताजा अनानास को काटकर मस्सों पर लगाने से धीरे -धीरे मस्सा सुखकर गिर जाया है।
  7. मौसंबी के ताजा जूस की एक बूंद रोज मस्से पर लगाने से मस्से ठीक हो जाते है।
  8. केले के छिलके को मस्से पर अंदर की तरफ से पट्टी लेकर बांध लें।ऐसे दिन में दो बार करने से मस्से निकल जाते है।

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