बवासीर (अर्श) को ठीक करने के रामबाण उपाय

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यह रोग मुख्यतः कब्ज के कारण होता है जिन लोगो को कब्ज लम्बे समय तक रहती है उनको यह रोग होते है अत्यधिक बैठे रहने से भी यह रोग होता है गलत खान-पान के कारण कब्ज होती है फिर यह रोग होता है अत्यधिक तीखा,मसालेदार,और चिकना भोजन करने से यह रोग बढ़ता है इस रोग में मल निकलने में बहुत कठिनाई होती है और मल के साथ खून भी निकलता है इसीलिए बवासीर के रोगी को खाने में हरी सब्जी और सलाद का प्रयोग अधिक करना चाहिए तथा तीखे मसाले और खट्टी चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए

इसके कुछ घरेलू उपाय :-

1.आंवले का चूर्ण 10 ग्राम सुबह-शाम शहद के साथ लेने पर बवासीर में लाभ मिलता है

2.एक चम्मच अनार के छिलकों का चूर्ण दिन में तीन बार ताजे पानी के साथ सेवन करें इसके अलावा अनार के पेड़ के छाल का काढ़ा बनाकर उसमे एक चम्मच सौंठ तथा मिश्री मिलाकर पिने से बवासीर ठीक हो जाती है

3.आंवले का चूर्ण दही के साथ खाने से आराम मिलता है गवार की फल्ली के पत्ते तथा काली मिर्च के दाने बराबर मात्रा में मिलाकर दोनों को पिस लें तथा पानी में मिलाकर पिए |

4.मुली का रस काला नमक डालकर पिने से भी आराम मिलता है

5.10 ग्राम त्रिफला चूर्ण शहद के साथ चांटने से शीघ्र लाभ होता है एक चम्मच मैथीके बीजों को पीसकर 300 मिली.बकरी के दूध में उबाले |इसमें एक चम्मच पीसी हल्दी और एक चुटकी काला नमक भी मिला दे और दूध ठंडा होने के बाद सेवन करें बीमारी में लाभ जरुर मिलेगा

6.प्रतिदिन सुबह खाली पेट तीन-चार पके हुए बीज वाले अमरुद खाने से बवासीर में काफी लाभ होता है गाजर और पालक का रस समान मात्रा में मिलाकर पिने से बवासीर खत्म हो जाती है छोटी पिपली का चूर्ण शहद के साथ चाटने पर बीमारी में आराम मिलता है

7.बड़ी इलायची को जलाकर उसका चूर्ण बनाये और प्रतिदिन सुबह दोपहर शाम ताजे पानी से लें |काले तिल और ताजे मक्खन को समान मात्रा में मिलाकर खाने से बवासीर नष्ट हो जाती है | सुबह-शाम बकरी का दूध पिने से बवासीर में काफी लाभ होता है करेले का रस और मिश्री मिलाकर लेने से बवासीर में लाभ होता है

8.प्याज का रस में घी और मिश्री मिलाकर खाने से बवासीर में लाभ मिलता है हरड का पाउडर गुड़ के साथ मिलाकर खाने से बवासीर में लाभ मिलता है

9.उबली हुई सब्जियां और सादा खाना इस बीमारी में लाभदायक है इसके साथ सेंधा नमक मिलाकर मट्टे का सेवन अवश्य करें और सलाद में मुली एवं गाजर का भी सेवन करें अथवा चबा-चबाकर खाएं| आंवले का चूर्ण एवं गुड़ मट्टे के साथ मिलाकर पीने से बवासीर में लाभ मिलता है

10.इमली के बीजों को भुनकर उनका छिलका हटा लें तथा उनका चूर्ण बनाकर प्रात: दही के साथ सेवन करें |काशीफल का रस सभी तरह के बवासीर में लाभदायक है
लेप भी कर सकते है -नीम और कनेर के पत्तो का लेप बवासीर के मस्सों पर लगाये |तम्बाकू के पत्तों की महीन चटनी बनाकर -मस्सों पर लेप करें |नीम का तेल भी मस्सों पर लगाने से आराम मिलता है |ताजे मक्खन में थोड़ी सी फिटकरी और पीसी हुई हरड मिला कर मस्सों पर लेप करने से आराम मिलता है |हल्दी और कडवी तोरई को पीसकर उसका लेप मस्सों पर लगाने से आराम मिलता है