साइटिका (Sciatica)का ऑपरेशन करवाने करवाने की सोच रहे है तो यह जरुर पढ़े

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दोस्तों आपको बता दें की साइटिका Sciatica कोई बीमारी नहीं.. यह सिर्फ एक लक्षण है | साइटिकाSciatica एक दर्द का नाम है इसका दर्द बीच से घम्भीर रूप में प्रकट होता है
यह हमारे रीड की निचले हिसे की L5 , L4 , S1 हड्डीयों से चालू होता है इनके बिचमे से एक साइटिका Sciatica नस निकलती है जो हमारी टांगों से होकर दोनों पेरों की अंगुलिओं तक जाती है इसी नस में ही आपको तेज़ दर्द होता है
पर क्या आपको यह मालूम है की साइटिका नर्व में दर्द क्यों होता है और किस कारन यह बढता है |
दोस्तों इसे थोडा ध्यान से समजिये हमारी रीड की हड्डियों के बिच में एक डिस्क पाई जाती है …
यह डिस्क हड्डियों को संतुलित रखती है व आपकी कमर पर पड़ने वाले दबाव को भी यही संभालती है क्योकि यह एक तरह से स्प्रिंग या गद्दे का काम करती है
कभी कबार आप अनजाने में कोई भारी वज़न उठा लेते है यां ज्यादा अधिक काम करने की वजह से यह डिस्क अपने साइज़ के मुकाबले ज्यादा बड जाती है जिस से यह आपकी साइटिका नस को दबाने लग जाती है …आपके ज्यादा काम करने से इस डिस्क में और ज्यादा सुजन आ जाती है इस से आपकी साइटिका नस पर दबाव और बड जाता है और फिर आप चल फिर नहीं पाते |
दोस्तों आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार यह रोग एक वातव्याधि है. वात दोष के असंतुलन के कारण ही कटि-शूल या ग्राध्रासी होता है.
सायाटिका के लक्षण आमतौर पर शरीर के केवल एक तरफ महसूस किए जाते हैं। और यह दर्द टांगों के पीछे कीतरफ होता है इसमें आपको बेड रेस्ट की अधिक आवश्यकता रहती है |
साइटिका दर्द के लिए डॉ. भी इसमे  3 महीने का बेड रेस्ट देते है और जेसे ही आपकी हालत में सुधार आता है  आपको फिजिकल थेरेपी यां योगा करने की सलाह  देते है
दोस्तों अगर आप ओपरेशन करवाने की सोच रहे है तो पहले अच्छे से जान लीजिये की अन्दर समस्या क्या है और एस ओपरेशन में डॉक्टर क्या करते है …थोडा ध्यान से समजिये
अगर आपके दर्द में कोई सुधार नही हो पाता तो आपकी डिस्क को डॉक्टर इंजेक्शन लगाकर यां सर्जरी के द्वारा एक्स्ट्रा डिस्क को काट देते है… परन्तु इस से आपकी हड्डी का दबाव कम नही होता
और कुछ समय बाद रीढ़ से जूडी दूसरी समस्या होने की सम्भावना बड जाती है |
कई बार यदि डिस्क बढ़ने के कारण सियाटिक नर्व या उसके आस पास दबाव ज्यादा होता है तो न्यूरोसर्जन सर्जरी के द्वारा बढे हुए हिस्सों को निकालने की सलाह देते हैं. परन्तु यह बिल्कुल गलत है सरल भाषा में आपको समझाएं तो
डिस्क  का  बढना हडियों के दबाव से होता है और डॉक्टर इसे सर्जरी के जरिये काट कर साइटिका से दूर कर देते है… परन्तु हड्डियों का दबाव उतना ही रहता है इस से आगे चलकर और घम्भीर परेशानी से झुंझना पड़ सकता है

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अब आपके मन में सवाल उठा रहा होगा की इसे ठीक करने के लिए क्या करे
दोस्तों साइन्टफिक रिसर्च से यह पता चला है की योग और आसन से डिस्क को फिरसे ठीक करके  साइटिका का दर्द 100% ठीक किया जा सकता है…जी हा आपने बिलकुल सही सुना योग और आसन से
आपको रोज किसी कुशल योगाचार्य के निर्देशन में सावधानीपूर्वक भुजंगासन , मकरासन , मर्कटासन , धनुरासन आदि का अभ्यास करना चाइये इसके साथ ही आपको फिजियोथेरेपी भी लेनी चाइये (फिजियोथेरेपी में व्यायाम के जरिये मांसपेशियों को सक्रिय बनाकर इलाज किया जाता है  फिजियोथेरेपी को फिजिकल थेरेपी भी कहा जाता है
दोस्तों अगर आपका सायटिका का दर्द बहुत ही असहनीय  है और आप चल – फिर नहीं सकते तो आपको पंचकर्म की सहायता लेनी चाइये पंचकर्म चिकित्सा के परिणाम बहुत ही उत्तम हैं
इस पद्धति में शरीर के विषों को बाहर निकालकर शुद्ध किया जाता है। इसी से रोग निवारण भी हो जाता है। पंचकर्म, आयुर्वेद शास्त्र में वर्णित एक विशेष चिकित्सा पद्धति है, जो दोषों को शरीर से बाहर निकाल कर रोगों को जड़ से समाप्त करती है। यह शरीर शोधन की प्रक्रिया है, जो स्वस्थ मनुष्य के लिए भी फायदेमंद है…
दोस्तों इसके आलावा न्युरोपेथी चिकित्सा में भी साइटिका का इलाज संभव है …ये चिकित्सा 1200 वर्ष पुरानी पद्धति है। एस पद्यति में बिना किसी दवा का सेवन कराये ही  प्राकृतिक चिकित्सा के दुआरा रोग का निवारण किया जाता है
इसमें एक्युप्रैशर की भाँति शरीर के अलग अलग  हिस्सों (नसों को ध्यान में रखते हुए) हाथ एवं पैरों से प्रैशर देकर बिमारियों का बिना दवा के इलाज  किया जाता हैं। ये ऐसी चिकित्सा है जिसमे हाथो हाथ रिजल्ट देखने को मिलते है … तो आप
योग आसन और व्यायाम से साइटिका को ठीक कर सकते है पंचकर्म दुआरा भी आप इसका इलाज करा सकते है

और न्युरोपेथी चिकित्सा से भी आप इसका इलाज करा सकते है

दोस्तों इसके आलावा आयुर्वेद के कुछ नुस्खे भी हमारे पास मोजूद है
इन नुस्खों के इस्तेमाल से आपको साइटिका के दर्द में काफी आराम मिलेगा …तो आप इन्हें कर सकते है
  1. सबसे पहले आप 4 लहसून की कलिओं को छील के बारीक़ काट कर 200ml गाय के दूध में डाल कर कम से कम 15 min तक अछि तरह उबालें…और फिर हल्का गुनगुना रहने पर इसका सेवन करे
  2. आप हर रोज़ इसका सेवन कर सकते है इसका कोई नुक्सान नही है
  3. अगर आपको साइटिका का दर्द ज्यादा हो तो रात को बिस्तर पर जाने से पहले , एक बाल्टी में 10 लीटर गर्म पानी डालें और एक मुट्ठी भर नमक फिर सेब का सिरका साइडर आधा लीटर डालें। सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं और फिर अपने पैरों को बाल्टी में रखें जब तक रखे तब तक की पानी ठंडा न हो जाए
  4. पानी को ठंडा होने तक उन्हें भिगा ही रहने दें। इसके बाद, पैरों को कुल्लाएं और फिर उन्हें निकालकर सूखे तौलिये में लपेटें ताकि सोते समय पेरों में गर्माश रहे या उन पर एक अतिरिक्त कंबल जोड़ें ।
  5. अगली सुबह चप्पल पहने बिना निचे न उतरे और जब तक आप स्नान न कर ले तब तक नंगे पैर न चलें।इस बात का विशेष ध्यान रहे …दोस्तों एस उपाय से साइटिका के दर्द में आपको बहुत ही फायदा होगा …तो आप इसे कर सकते है

इसके आलावा सायटिका से ग्रसित  लोगों को इन बातों का भी जरुर ध्यान रखना है

  • लम्बे समय तक एक ही स्थिति में ना बैठे , सही स्थिति में कुर्सी पर बैठें
  • आगे की ओर थोडा कम झुकें
  • अत्यधिक भारी वजन न उठायें.
  • ऊँची एड़ी की चप्पल न पहने
  • आराम करने के लिए तख़्त या सीधा बेड जिस पर हल्का गद्दा बिछा हो,वो ही प्रयोग करें
  • रक्त बढाने वाले आहार का सेवन करैं व पोष्टिक वाले आहार का सेवन ज्यादा करें
  • पानी ज्यादा पिये…कम से कम 4-से 5 लीटर पानी आपको एक दिन में पीना है
  • गाय का दूध पीना ना छोड़े.एस बात का ध्यान रहे
इसके साथ ही अपने आसन व एक्सरसाइज को जारी रखें

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तो दोस्तों आप विडियो में बताई बातो को फोलो कीजिये और इस असहनीय दर्द से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पाइए …एस विषय पर आपके क्या विचार है आप हमे कमेंट के जरिये बता सकते है

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