देशी गाय माता से आम बिमारियों का इलाज!Treatment of common diseases from cow

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देशी गाय से  हर बीमारी का इलाज (Treatment of common diseases from cow )-

1. गाय माता का दूध पिने से दिमाग तेज होता है जो बच्चा बचपन से गाय का दूध पीता है उसका दिमाग बहुत ही तेज होता है।

2.गाय माता के दूध व मलाई को चेहरे पर लगाने से सुन्दरता आती है।

3. घी:- गाय माता के घी की निशानी यह है कि वह पीले रंग पर होता है क्योंकि गाय माता की पीठ पर सुर्यकेतु नाड़ी होती है। इसीलिए घी पीने व खाने वाले का दिल मजबूत बनता है और हड्डियाँ मजबूत होती है।

4. अधरंग- अधरंग वाले रोगी के लिए तीन,चार बूंद घी की रात को सोते समय नाक में डालनी है और रात को दो चम्मच घी गाय के एक गिलास दूध में अच्छी तरह मिलाकर पीने से अधरंग जैसे रोंगों से 5,6 महीनों में छुटकारा मिलता है।

5. खर्राटे बंद होते है- नाक में रात को सोते समय 3,4 बूंद देशी गाय के घी की डालने से खर्राटे बंद हो जाते है।

6.दिमाग के लिए –देशी गाय का घी कांसे की कटोरी में लेकर पैरों के तलवों पर मालिश करने से दिमाग बहुत जल्दी तेज हो जाता है।

7. बदन दर्द –शरीर में कहीं भी दर्द हो देशी गाय माता के घी की मालिश करने से दर्द खत्म हो जाता है और हड्डियाँ वज्र जैसी हो जाती है।

8. फुलवैहरी- गऊ मूत्र को हर रोज लगाने से सफेद दाग खत्म हो जाते है। गोमूत्र हर रोज नहाने के बाद लगाना है चेहरा सारा ठीक हो जायेगा।

9. पेट के रोग – हर रोज 5 से 20 मि.ली.गोमूत्र लेने से पेट के रोग खत्म हो जाते है।

10.किडनी- किडनी के रोगी के लिए गाय की बछिया का एक गिलास का चोथा हिस्सा गोमूत्र सुबह हर रोज खाली पेट लेने से दो महीने में किडनी का रोग ठीक हो जायेगा।

11. आँख व कान –यदि कान या आँख में दर्द हो तो एक -एक बूंद गोमूत्र की डालने से आँख व कान के दर्द से मुक्ति मिल जाएगी।

12. टी.बी.की बीमारी – गाय के संग रहने व गोमूत्र के सेवन से जीवन में शांति व क्रांति आती है और 5-6 महीने गाय के संग रहने से टी.बी.का रोग समाप्त हो जाता है।

13. बाँझपन – जो कार्य गाय के मूत्र से नहीं होता है वह कार्य सांड के मूत्र को सूंघने से ही हो जाता है और सांड के मूत्र को सूंघने से औरत का बाँझपन दूर हो जाता है, मात्र 40 दिन तक नियमित यह कार्य करें। गाय माता को ज्यादा से ज्यादा जौ खिलाये और जीतने जौ उसके गोबर में आ जाए उनको धोकर पाउडर बना लें। गाय के दूध के साथ सुबह व शाम एक -एक चम्मच लेने से मात्र दो माह में बाँझपन दूर होगा।

14. गोबर – गाय माता के गोबर में लक्ष्मी का वास है। जिस भवन को गाय के गोबर से लिपा जाता है उसमे परमाणु शक्ति का भी कोई असर नही होता है।

15.गाय के गोबर का उपला – गाय के गोबर के उपले को रात को पानी की बाल्टी में भिगो दें और उसका पानी सुबह तक लाल हो जाता है,उस पानी को पेड़ों पर स्प्रे करने से 14 दिन में पेड़ चार बार बढ़ता है।

16. जोत –थोडा सा उपला लेकर उसको सुलगाकर गाय का घी डाल लें और घर में गाय के घी से जोत जलाएं,तो सात्विक ऊर्जा मिलती है और कीटों का नाश होता है।

17. दंत मंजन –गाय के गोबर के उपले की राख से मंजन करने से दांतों की हर तरह की बीमारी दूर होती है।

18. मिर्गी का इलाज -गोबर के रस की 7-7 बूंद नाक में दोनों तरफ डालने से मिर्गी का रोग खत्म हो जाता है,जब दौरा पड़ा हो उस समय डालें।

19.औरतो की प्रसव पीड़ा – औरतो को प्रसव पीड़ा हो उस समय गोबर के रस (1-2 चम्मच) थोडा सा पिलाने से बच्चा सुगमता से होता है।

20. दर्द के लिए – साल डेढ़ साल की बछड़ी का गोबर लेकर शरीर में कहीं भी दर्द हो वहां पर गोबर का लेप करने से दर्द में मुक्ति मिलेगी।

21.जहाँ पर गाय को दफनाया जाता है उसका 60 मीटर का क्षेत्र सदा उपजाऊ ही रहता है

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