कोई मुश्किल काम नही आँखों का चश्मा (Remove Eye Glasses) हटाना, आपको बस ये 7 बातें पता होनी चाहिए

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आँखे कुदरत की अनमोल देन है जो हमें जीवन में अलग अलग रंगो तथा अनुभूतियो का आभास कराती है इसीलिए तो कहा गया है की आँखों की देखभाल बहुत आवश्यक है

नजर कमजोर होना, बेहद कॉमन समस्या है |आजकल छोटे बच्चे भी आपको चश्मा (Eye Glasses) पहने नजर आ जाएंगे। लेकिन क्या आपको पता हैं ऐसे में पावर वाले चश्मों को घरेलू उपाय से भी आसानी से उतारा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं उन घरेलू उपाय के बारें में जिनको अपनाकर आपका भी चश्मा (Eye Glasses)100% उतर जाएगा

 

पर मित्रो एक बात का अवश्य ध्यान रखिये की घरेलु उपाय करने के साथ साथ हमे अपनी जीवनशेली में थोडा बदलाव भी करना होगा…तभी हमे किये जाने वाले उपाय से पूर्ण लाभ मिल पायेगा…

W.H.O की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर, यह अनुमान है कि लगभग 130 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में दृष्टिहीनता के साथ रहते हैं।… बहुत तेजी के साथ ये रोग अपने पैर पसार रहा है…जिसका मुख्य कारन अपनी देनिक दिनचर्या का सही न होना है

व्यक्ति अपने देनिक दिनचर्या को सही किये बगेर ही रोग या बीमारी को ठीक करने के बारे में चिंता करता है जबकि समस्या क्यों हुई है इसका कारन जानना बहुत ही आवश्क है…

बिना रोग का कारन जाने अगर हमने उसे किसी तरह ठीक कर भी ले, तो देर सवेर वो रोग,बीमारी एक विकराल रूप लेकर हमारे सामने आ खड़ी होगी…क्योकि उस समय हमने बीमारी को जड़ से खतम नही किया बल्कि दबा दिया जिससे समय बीतते बीतते वो रोग उजागर होगा ही….यहा बीमारी को दबा देने से तात्पर्य-बीमारी के कारणों को न जानना है

इसी बात को ध्यान में रखते हुए अभी आपको नेत्र रोग होने के कारणों के बारे में बताया जा रहा है…उसके बाद आप घरेलु उपायों के बारे में जानेंगे

नेत्र रोग होने के कारण:- 

नेत्र रोग होने का कारण हमारे खानपान और हम अपने देनिक दिनचर्या में क्या क्या करते है उस पर निर्भर करता है (आप क्या खाते है,कब सोते है ये सब )

1.पेट साफ़ न रखना ज्यादा देर रात तक फ़ोन या टीवी देखना या फिर देर रात तक पढ़ाई करने से लोगों के सिर में दर्द होने लगता है जिसके बाद उन्हें चश्मा (Eye Glasses) चढ़ जाता है।
2.आँखों का धुल, धुप व् धुआं से बचाव नही करना
3. दिन में सोना है और रात को जागना
4. अत्यधिक मैथुन करना या वीर्य नाश करना
5. अत्याधिक शराब का सेवन
6. सिर पर अधिक गर्म पानी डालकर नहाना
7. रात में कंप्यूटर पर काम करना आदि कारन है

ये सभी नेत्र रोग होने के कारण है, अब हम आगे बढ़ते है उपचार की और उपचार करने से पूर्व अपने पेट की सफाई अवश्य कर ले – पेट की सफाई करने के लिए त्रिफला अमृत सर्वश्रेष्ट ओषधि है-१ सप्ताह तक इसका सेवन करे उसके पश्चात ही उपचार की पद्यति अपनाये

(त्रिफला का किस तरह से सेवन करना है उसके लिए ये वीडियो देखे) – LINK https://youtu.be/57LDvOkAt3s

नेत्र रोगों को दूर करने के रामबाण उपाय 

1.चक्षु स्नान (Eye Bath To Get Rid of Eye Glasses)

अभी आपको जो ये उपाय बताया जा रहा है यह आँखों के लिए बहुत ही जबरदस्त और आजमाया हुआ है जो आँखों के लिए बहुत आवश्यक है जिसे इस प्रकार करना है | प्रातः काल उठकर साफ़ कपडे से छना हुआ साफ़ जल लेंकर इसे मुह में पूरा भर लेना है

इस जल को मुख में ही रखना है साथ ही शुद्ध जल से आँखों में बार बार छींटे देना है | ऐसा करने से रात में सोते समय जो मल आँखों में आ जाता है वह सारा मल बाहर निकल कर, आँखे एकदम साफ़ हो जाती है और आंखो की रोशनी बढने लगती है |

इस क्रिया से अंदर और बाहर दोनों और से चक्षु इन्द्रियो को ठंडक पहुचती है | इसे प्रतिदिन नियमित रूप से करना चाहिए | यह छोटा सा उपाय आँखों को रोशनी बढ़ाने में रामबाण साबित होता है | इसे नियमित रूप से करने से आँखों के समस्त रोग दूर हो जाते है और वृद्धावस्था तक आँखों की ज्योति बनी रहती है |
आँखों की कमजोर रोशनी

2. आँखों की कमजोर रोशनी

रात को सोते वक्त 5 ग्राम सूखे आंवले ( दरदरे कूटे हुए ) एक गिलास पानी में भिगो दे | सुबह उठते ही पानी को छानकर , इस पानी से आँखों को धो ले | आँखे धोने के लिए Eye Glass का उपयोग करना चाहिए |

नियमित इस उपाय को करने से अवश्य ही आँखों में आ रही कमजोर रोशनी की समस्या दूर होकर आँखों की रोशनी बढने लगती है |

विशेष –

1 . यदि एक कप मात्रा में सवेरे आवले का पानी भी पी लिया जाय तो यह सोने पर सुहागे का कार्य करता है | इससे नेत्र विकारों से जल्द ही मुक्ति हो जाती है | साथ ही सम्पूर्ण शरीर का स्वास्थ्य भी उन्नत होने लगता है
2 . इस उपाय से आँखे दुखने की शिकायत भी दूर हो जाती है |
3. यह उपाय मोतियाबिंद ( कैट्रेक्ट्स ) पर भी कारगर है |

3. नेत्रों की सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्रयोग

सामग्री – आंवला चूर्ण ( बारीक़ पिसा हुआ )-300 ग्राम ; सोंठ चूर्ण ( बारीक पिसा हुआ )-100 ग्राम दोनों चूर्णों को अच्छे से मिलाकर डिब्बे में सुरक्षित रखे
सेवन विधि – सुबह – शाम 3-3 ग्राम की मात्र में पानी के साथ सेवन करे

विशेष –

नेत्र रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को विटामिन सी , ‘ई’, बीटा – केरोटिन , सेलेनियम तत्वों की प्रचुरता वाले आहार – द्रव्यों का नियमित सेवन करना चाहिए
विटामिन – सी से युक्त खाद्य प्रदार्थ जैसे – आंवला, नीम्बू, संतरा, अमरुद, इत्यादि के नियमित व् लम्बे समय तक उपयोग करने से मोतियाबिंद बनने की प्रक्रिया रुक जाती है

4. आँखों की धुंध पर

सामग्री – आंवला चूर्ण ( बारीक पिसा हुआ ) -100 ग्राम; मिश्री – 100 ग्राम; बादाम तेल – 100 मिली. ली.
विधि – इन तीनो को अच्छे से मिक्स करके काँच के किसी बर्तन में सुरक्षित रखे
सेवन विधि – दस ग्राम की मात्रा सुबह की समय गुनगुने पानी के साथ सेवन करे
इस प्रयोग को नियमित करते रहने से आँखों की धुंध दूर होकर उनको शक्ति प्राप्त होती है |

यहा पर बताये गये उपाय बहुत ही अद्भुत है …कोई भी उपाय करने से पहले अपने पेट की पूरी तरह से सफाई अवश्य कर ले जानकारी को शेयर बटन पर क्लिक करके शेयर जरुर कीजिये धन्यवाद

(आपका दैनिक दिनचर्या कैसा होना चाहिए उसके लिए आप यह पर click करे) – link https://youtu.be/hSFXuuHpiZ

1 COMMENT

  1. Please send all वाग्भट ह्रुषी इतकी रामबाण औषधी इलाज जो सहज सुलभ और अजमाएं है, देनेकीं कृपा करें।
    सदैव प्रगती हो ऐसी सदिच्छा।

    रमेश जाधव,
    महाराष्ट्र।