पीलिया रोग (Jaundice) क्यों होता है? जानिये इसके होने के कारण और उपचार!

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आज इस लेख में हम बताएँगे पीलिया रोग (Jaundice) के बारे में कि आखिर ये रोग क्यों होता है और इसका सही और सटीक उपचार क्या है?

दोस्तों पीलिया रोग के बारे में हमने पहले भी एक लेख लिखा हैं जिसमें हमने केवल एक दिन में ही पीलिया (Jaundice) ठीक होने का अद्भुत तरीका बताया है आप चाहे तो इस लेख के अंत में दिए गए लिंक पर क्लिक करके उस लेख को भी पढ़ सकते है।

इस रोग में आपके द्वारा की गई दैनिक दिनचर्या में गलती की वजह से पाचन रस की थैली यानि लीवर विषाणुजनित हो जाता है जिसकी वजह से लीवर सूज जाता है और खून में मौजूद बिलीरूबिन को छान नही पाता है।

ये बिलीरूबिन हमारे खून में ही होता है जो कि पीले रंग होता है और इसे छानने का काम लीवर का है। जब ये बिलीरूबिन अधिक मात्रा में हमारे खून में बढ़ जाता है तो हमारे शरीर की त्वचा पीली होने लगती है और हमे पीलिया (Jaundice) हो जाता है।

ये एक संक्रामक रोग है जिसमे अगर एक स्वस्थ व्यक्ति भी इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के सम्पर्क में आता है तो उसको भी ये रोग हो जाता है।

अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर हम अपने दैनिक दिनचर्या में ऐसी कोनसी गलती कर देते है जिसकी वजह से लीवर विषाणुजनित हो जाता है और हमे ये रोग हो जाता है?

पीलिया रोग (Jaundice) सबसे ज्यादा पानी की अशुद्धि के कारण होता है। अगर आपका पानी साफ नही है या पानी को मटके या किसी बर्तन में भरे हुए 48 घंटे से ज्यादा हो जाए तो उसमे जीवराशी पैदा हो जाती है और उनकी संख्या बढ़ते बढ़ते लाखो करोड़ो में पहुच जाती है।

ऐसे में आप उस पानी को पियेंगे तो आपका शरीर बीमारियों का घर बन जाएगा और एक के बाद एक गंभीर से गंभीर बीमारिया आपको होने लगेगी। इसलिए अपना पीने का पानी 48 घंटे के अन्दर ही चेंज कर ले और जब भी पानी का इस्तेमाल करे यानि मटके या घड़े में भरे तो भरने के बाद एक कपडे में फिटकरी डालकर उस कपडे को पानी में 7 से 8 बार गुमाए और बहार निकाल ले।

ये प्रक्रिया आपको हर रोज करनी है इससे आपके पानी में मोजूद विषेले पदार्थ नष्ट हो जायेंगे और आपका पानी एकदम स्वच्छ हो जायेगा।

इसके आलावा पीलिया (Jaundice) होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है बाहर की कटी खुली और दूषित चीजे खाना। अगर आप बाहर की चीजे खाना ज्यादा पसंद करते है तो अब आपको सावधान होना होगा क्योकि इसी के चलते आपका पेट ख़राब होता है

हमने आपको पहले भी बताया की जब पित्त यानि पेट ख़राब होता है तो पित्त से सबंधित 46-50 रोग उसको कभी भी हो सकते है। ये पीलिया (Jaundice) भी पित्त का ही रोग है और पित्त बढ़ने पर ही ये रोग होता है। पित्त शांत कब होगा जब आप बाहर की चीजे खाना बंद कर देंगे।

भोजन को आयुर्वेद के बताये अनुसार खायेंगे तो आपका पित्त शांत रहेगा और आपको पित्त से सम्बंधित 46 से 50 रोग भी नही होंगे। अपने पित्त को शांत करने के लिए आपको कैसा भोजन करना चाहिए और आयुर्वेद के अनुसार अपने दिन की शुरुआत कैसे करनी चाहिए इस विषय पर हमने पहले ही एक लेख लिखा हुआ है जिसका लिंक हमने इस लेख के अंत में दिया है ।

ऐसे ही शराब का अधिक सेवन करना, ज्यादा मिर्च मसालेदार आहार लेना, शरीर में खून की कमी और पित्त की पथरी होने से व किसी मेडिकल दवा का साइड इफेक्ट्स करने से ये रोग हो जाता है।

दोस्तों इस रोग से बचने के लिए आपको ये रोग होने से पूर्व ही इसका इलाज कर लेना चाहिए। यानि कोई भी बड़ा रोग जब हमे होता है तो उससे पहले ही हमारा शरीर उस बीमारी के लक्षणों को प्रकट करता है। जब उन लक्षणों की तरफ हमारा ध्यान नही जाता है तभी हमे छोटी से बड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा की आखिर पीलिया के लक्षण क्या है जिन्हें जानकर हम भी आगे से इस रोग का ध्यान रख सके और बच सके?

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दोस्तों बहुत ही सरल है ये जानना की आपको पीलिया (Jaundice) होने वाला है या नही। अगर आपको थोड़े दिनों से अत्यधिक थकान महसूस हो रही है तो ये पीलिया (Jaundice) का एक लक्षण है ऐसे ही भूख का एक दम कम हो जाना, हर बार पेशाब का रंग पिला आना, आँखों में पीलापन होना बुखार होने पर साथ में ठण्ड लगना, सर भारी रहना व आँखों में हल्का pain महसूस करना, भोजन को देखकर उलटी आना, मुंह का स्वाद कडवा होना, नाड़ी की गति धीरे चलना आदि लक्षण है। इसके साथ शरीर में खुजली, नींद न आना भी पीलिया (Jaundice) के लक्षण है।

इन लक्षणों में कोई भी तीन से चार लक्षण अगर आपको दिखे तो समझ जाइए की आपको पीलिया (Jaundice) होने वाला है या हो गया है और तुरंत अपने खानपान में देखिये और बदलाव कीजिये। बाहर की चीजे खाना बिलकुल बंद कर दीजिये, शुद्ध पानी पीजिये और घर का शुद्ध खाना खाइए।

अगर इस रोग में लापरवाही की जाए तो ये काला पीलिया बन जाता है जो जानलेवा रोग हो सकता है। इस बीमारी से छुटकारा पाने में इलाज के साथ परहेज करना भी बहुत जरुरी है।

पीलिया (Jaundice) होने पर सबसे पहेले ऐसी चीजो को खाना तुरंत बंद कर दे जो दिखने में पीली हो। ऐसे ही ज्यादा मिर्च मसालेदार भोजन करना, तली हुई चीजे खाना, मैदा, उदल की दाल ये बिलकुल भी न खाए।

इस बात का विशेष ध्यान रखे। पानी और दूध को हमेशा उबाल कर ठंडा करके पिए, इससे उनमें मौजूद अशुद्धियां ख़तम हो जाती है। साथ ही ज्यादा घूमना-फिरना न करे और आराम करे। गर्म चीजे वसा युक्‍त गरिष्‍ठ भोजन का सेवन न करे।

पीलिया (Jaundice) में भोजन ऐसा खाये जो आसानी से पचे और लीवर को भी ताक़त मिले। जैसे उबले हुए आलू, दलिया, खिचड़ी, चावल, पपीता, गुड, चिकू, लस्सी, मूली और ताजे फलों का जूस पिए।

अब ये तो आपने जान लिया कि पीलिया में क्या खाना चाहिए और क्या नही। अब जानते है पीलिया को ख़त्म करने के असरदार नुस्खो के बारे में।

पुराने से पुराने पीलिया (Jaundice) में यह अनोखा व रामबाण उपाय बहुत असरकारी होता हैं। इसके मात्र 5-6 दिन के प्रयोग से ही पीलिया (Jaundice) का इलाज हो जाता हैं। हम बात कर रहे हैं नारियल पानी की।

दोस्तों नारियल पानी में ऐसे कई अनोखे गुण होते हैं जो की लिवर व पीलिया (Jaundice) के रोग में रामबाण इलाज की तरह काम करते हैं और इसका प्रयोग भी बहुत ही आसान हैं।

इस नुस्खे को करने के लिए आपको रोजाना दिन में नियमित रूप से 2 या 3 हरे नारियल का पानी पीना होगा। इसके साथ ही पूरे दिन भर और कुछ न खाये सिर्फ नारियल पानी के ऊपर ही रहे। दोस्तों यह ऐसा अनोखा प्रयोग हैं जो की सिर्फ 1-2 दिन में ही पीलिया (Jaundice) को काफी हद तक ठीक कर देगा। इस उपाय को आपको लगातार 5 से 6 दिनों तक करना है।

इन 5-6 दिनों में आपको थोड़ा-थोड़ा व हल्का सुपाच्य भोजन ही करना है। लेकिन ध्यान रखे सिर्फ थोड़ा ही भोजन करे और भोजन हल्का होना चाहिए यानि सात्विक आहार ग्रहण करे।

दोस्तों यह प्रयोग सभी तरह के पीलिये में काम करता हैं। यह नुस्खा काला पीलिया (Jaundice) का अनोखा घरेलु इलाज हैं इसके साथ ही पीलिया A,B,C में भी यह बहुत अनोखा असर करता है।

इस उपाय में दिन के अन्य समय के अलावा दोपहर में 2 बजे विशेषकर नारियल का पानी पिए। यह सबसे सस्ता और आसान, पीलिया (Jaundice)का आयुर्वेदिक उपचार हैं।

पीलिया को ख़त्म करने का दूसरा उपाय – पीलिया (Jaundice) के इलाज में मूली के पत्तों का रस काफी उपयोगी है। इसमें इतनी ताकत होती है कि लिवर और खून में बढ़े हुए बिलीरुबिन को निकाल सके। इस उपाय को करने के लिए 50 ग्राम मूली के रस में 10 ग्राम मिश्री मिलाये और प्रतिदिन सुबह खाली पेट इसे पिए। इस घरेलू नुस्खे को हर रोज करने पर 7 दिनों में ही पीलिया दूर हो जाता है। (इस प्रयोग में डोरे वाली मिश्री ही काम में ले) तो आप इसे भी कर सकते है।

पीलिया को ख़त्म करने का तीसरा उपाय – दोस्तों हम सब जानते हैं की पीलिया (Jaundice) रोग में खून की कमी आने लगती हैं, और ऐसे वक्त में खून की कमी को पूरा न किया जाए तो रोगी की हालत ओर गंभीर होने की सम्भावना रहती हैं. ऐसे में खून बढ़ाने के लिए व खून की सभी तरह समस्या को दूर करने के लिए टमाटर से पीलिया (Jaundice) रोग का इलाज जरूर करना चाहिए।

पीलिया (Jaundice) में रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells) मर जाते हैं। इनकी संख्या बहुत कम हो जाती हैं। ऐसे में टमाटर का सेवन रामबाण होता हैं क्योंकि टमाटर रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाने में मदद करता हैं। यह उनको ऊर्जा प्रदान करता हैं। इसके आलावा टमाटर खून की सफाई करता हैं।

इसलिए आयुर्वेद में बताया गया हैं कि रोगी को पीलिया (Jaundice) में टमाटर का हर रूप में सेवन करना चाहिए। जैसे टमाटर की सब्जी, टमाटर की सलाद, टमाटर का रस, कच्चा टमाटर का सेवन आदि इन अनेक रूपों से टमाटर का सेवन किया जा सकता हैं जो की खून बढाने में बहुत लाभ करते हैं।

इसके साथ ही टमाटर को यूज़ करने का एक अन्य तरीका भी है। उसके लिए थोड़े ताज़ा लाल टमाटर लें औऱ इनका रस निकाले। जूस को मिक्सर में डालकर अच्छे से रस बना लें। एक गिलास टमाटर के जूस में 7 से 8 कालि मिर्च और थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर इसको पिए।

रोजाना नियमित रूप से सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से अत्यंत लाभ होता हैं। यह भी सबसे सरल पीलिया (Jaundice) का आयुर्वेदिक उपचार हैं।

पीलिया को ख़त्म करने का चौथा उपाय- दोस्तों ये उपाय भी बहुत ही जल्दी असर करने वाला उपाय है और इसके बहुत ही अच्छे परिणाम देखने को मिले है। इस उपाय को करने के लिए फूली हुई फिटकरी 10 ग्राम और दही 250 ग्राम आपस में मिलाकर दिन में दो बार खाए और छाछ दही का सेवन अधिक करे।

दोस्तों अभी जो नुस्खे आपको यहा बताये है उनको करते समय आपको हल्का व सुपाच्य भोजन ही करना है और भारी भोजन से बचना है।

अब हम आपको पीलिया को ख़त्म करने की कुछ होम्योपेथी दवा बता रहे है जिसके इस्तेमाल से आपका पीलिया जल्द खत्म हो जाएगा।

चेलिडोनियम 6x दोस्तों इस दवा का नाम आप लिख लिजिये – और चेलिडोनियम 6x का इस्तेमाल किनको करना चाहिए ये थोडा जान लीजिये। जिनके दाए कंधे में दर्द है, आँखे तथा चहरे का पिला पड़ना, स्वाद कडवा होना, मूत्र का गहरा पीला अथवा भूरा लाल होंना, मल मिटटी के रंग जैसा होना इन लक्षणों वाले लोग इस दवा का इस्तेमाल कर सकते है। दिन में तीनो टाइम इस दवा का सेवन करना है। 10 बूंद सुबह 10 बूंद दिन में और 10 बूंद शाम को इसका सेवन करना है।

ऐसे ही थाइराइडिनम 3xये नवजात शिशुओ के लिए है।  दोस्तों यह दवा इतनी अद्भुत है की पीलिया (Jaundice) रोग में जब नवजात शिशुओ की कोई बचने की आशा नही रहती तब ऐसे मामलो में यह ओषधि रोगी को लगभग म्रत्यु के जबड़ो से छीनकर ले आती है। इसे भी सुबह 5 बूंद  दोपहर को 5 बूंद और शाम को 5 बूंद सेवन कराना है।

दोस्तों पीलिया (Jaundice) को ख़त्म करने के और भी जबरदस्त नुस्खे हमारे पास मौजूद है। उनको जानने के लिए आपको  इस लेख के नीचे दिए गए लिंक्स को क्लिक करके पढना होगा और साथ ही इस लेख में अगर आपको कुछ समझ नही आया है तो आप हमे कमेंट करके पूछ सकते है। हम पूरी कोशिश करेंगे आपको जवाब देने की।

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